Site icon Prsd News

फिलिस्तीन समर्थक कार्यक्रम के बाद मुंबई में एक्टिविस्ट के घर पुलिस की तलाशी, बिना वारंट सर्च का आरोप

images 30

फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के कुछ दिनों बाद मुंबई की एक पोस्टग्रेजुएट छात्रा और एक्टिविस्ट के घर पुलिस की तलाशी का मामला सामने आया है। एक्टिविस्ट हर्षदा बोराडे ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कई घंटों तक तलाशी ली। उनका दावा है कि तलाशी के दौरान पुलिस ने उन्हें कोई वारंट या लिखित नोटिस नहीं दिखाया। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले में कानून के तहत जांच की जा रही है और किसी को भी गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया।

मामला 15 सितंबर को मुंबई के बांद्रा इलाके में आयोजित एक पतंग उड़ाने के कार्यक्रम से जुड़ा है। बताया गया है कि इस कार्यक्रम में गाजा के बच्चों के समर्थन में फिलिस्तीनी झंडे और पोस्टर प्रदर्शित किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना है कि यह एकजुटता जताने के लिए आयोजित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस आयोजन के लिए स्थानीय पुलिस से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जानकारी जुटाई गई।

हर्षदा बोराडे ने आरोप लगाया कि 18 सितंबर की शाम पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। उनके मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज दिखाने से इनकार किया। इसके बाद घर के अंदर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और घर के सामान, किताबों, नोटबुक और निजी दस्तावेजों की जांच की गई। बोराडे का दावा है कि तलाशी कई घंटे तक चली और पुलिसकर्मी अगले दिन तड़के वहां से गए।

बोराडे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर में मौजूद कुछ दोस्तों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए थे। उन्होंने दावा किया कि वहां मौजूद कुछ लोगों के साथ पुलिस ने सख्ती से व्यवहार किया और उन्हें कुछ समय के लिए घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उनके संगठन की ओर से भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने तलाशी के दौरान घर में मौजूद कुछ किताबों और अन्य सामान की जानकारी दर्ज की। एक्टिविस्ट समूह का दावा है कि तलाशी के दौरान भगत सिंह और सावित्रीबाई फुले से संबंधित किताबों समेत अन्य सामग्री की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर सामने आए कार्यक्रम से जुड़े वीडियो के बाद संबंधित लोगों से पूछताछ की गई और कुछ घरों में मौजूद सामग्री की जांच की गई।

मुंबई पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम के आयोजन और उसमें शामिल लोगों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया है। फिलहाल इस मामले में एक्टिविस्ट के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस उपायुक्त मोहित गर्ग ने भी कहा है कि मामले में जांच चल रही है और कार्रवाई कानून में तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभी मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, हर्षदा बोराडे और उनके सहयोगियों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे निजी अधिकारों तथा स्वतंत्र अभिव्यक्ति से जुड़ा मुद्दा बताया है।

इस घटना के बाद हर्षदा बोराडे ने यह भी दावा किया है कि उनके मकान मालिक ने उन्हें घर खाली करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि पुलिस की तलाशी के बाद उनके लिए वहां रहना मुश्किल हो गया है। हालांकि, इस दावे को लेकर भी अलग से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और तलाशी के दौरान क्या-क्या सामग्री मिली तथा उसका कार्यक्रम से क्या संबंध है, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलिस्तीन समर्थक कार्यक्रम और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर यह मामला अब मुंबई में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ एक्टिविस्ट समूह पुलिस पर बिना उचित प्रक्रिया के तलाशी और पूछताछ करने का आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि वह कार्यक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और किसी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार है।

Exit mobile version