Site icon Prsd News

नहीं रहे ‘वेलकम’ के बल्लू मुश्ताक खान, ‘मेरी एक टांग नकली है’ वाले डायलॉग से मिली थी खास पहचान

images 2 23

हिंदी सिनेमा के मशहूर चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को मुंबई में निधन हो गया। वह ‘वेलकम’ में बल्लू और ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में गुल खान जैसे यादगार किरदारों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम के मुताबिक, मुश्ताक खान ने शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती थे।

मुश्ताक खान को सबसे ज्यादा लोकप्रियता साल 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने नाना पाटेकर के किरदार उदय शेट्टी के गैंग के सदस्य बल्लू की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनका ‘मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था’ वाला संवाद दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ। बाद में यही सीन और डायलॉग सोशल मीडिया पर मीम के तौर पर भी खूब इस्तेमाल किया गया और मुश्ताक खान की पहचान इससे गहराई से जुड़ गई।

फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी ने मुश्ताक खान के निधन के बाद ‘वेलकम’ में उनके किरदार से जुड़ा एक किस्सा भी याद किया। बज्मी के मुताबिक, शुरुआत में मुश्ताक के लिए फिल्म में कोई बड़ा रोल तय नहीं था, लेकिन उन्होंने कम स्क्रीन टाइम वाले किरदार के लिए भी फिल्म का हिस्सा बनना स्वीकार किया। बाद में उनके किरदार को विस्तार मिला और बल्लू के हिस्से का वह दृश्य फिल्म के यादगार कॉमिक सीन्स में शामिल हो गया।

मुश्ताक खान का फिल्मी सफर केवल कॉमेडी किरदारों तक सीमित नहीं था। उन्होंने ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘वॉन्टेड’, ‘ओह माय गॉड!’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में उनका गुल खान यानी गुल्लू का किरदार भी काफी याद किया गया। करीब दो दशक बाद वह ‘गदर 2’ में भी इसी किरदार में दिखाई दिए।

मुश्ताक खान ने फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन और थिएटर में भी काम किया। ‘नुक्कड़’, ‘वागले की दुनिया’, ‘भारत एक खोज’, ‘चमत्कार’, ‘अदालत’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे टीवी शो उनके करियर का हिस्सा रहे। अलग-अलग तरह के किरदार निभाने की वजह से वह लंबे समय तक दर्शकों के बीच पहचाने जाते रहे।

उनके करियर में संघर्ष का दौर भी रहा। मुश्ताक खान ने एक इंटरव्यू में ‘वेलकम’ में अपने काम के भुगतान को लेकर बात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया था कि फिल्म में उनके हिस्से के काम के लिए उन्हें अपेक्षा से कम भुगतान मिला था, जबकि शूटिंग निर्धारित अवधि से आगे बढ़ गई थी। इसके बावजूद उन्होंने फिल्मों में लगातार काम किया और छोटे से लेकर महत्वपूर्ण सहायक किरदारों तक अपनी अलग पहचान बनाई।

मुश्ताक खान पिछले करीब पांच वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बिजनेस पार्टनर के मुताबिक, उन्हें पहले लंग कैंसर का पता चला था और इलाज के बाद वह ठीक भी हुए थे, लेकिन हाल ही में बीमारी दोबारा लौट आई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी बीमारी और इलाज से जुड़ी जानकारी परिवार और उनके करीबी सहयोगियों के बयानों पर आधारित है।

रिपोर्टों के मुताबिक, बीमारी के बावजूद मुश्ताक खान आखिरी समय तक काम से जुड़े रहे। उनके कई किरदार भले ही फिल्मों में कुछ ही मिनटों के रहे हों, लेकिन उनकी स्क्रीन मौजूदगी दर्शकों पर असर छोड़ती थी। ‘हम हैं राही प्यार के’ के मिश्राजी से लेकर ‘गदर’ के गुल खान और ‘वेलकम’ के बल्लू तक, उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी अभिनय क्षमता दिखाई।

मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार 25 सितंबर को किए जाने की जानकारी सामने आई है। उनके निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने मुख्य नायक की भूमिका के बिना भी कई फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘वेलकम’ का बल्लू और उसका ‘मेरी एक टांग नकली है’ वाला संवाद लंबे समय तक दर्शकों को उनकी याद दिलाता रहेगा।

Exit mobile version