महाराष्ट्र के नागपुर में सामने आए NGO उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। इस केस में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की एंट्री हो गई है, जो अब पूरे मामले की बहुस्तरीय जांच करेगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी NGO संचालक रियाज काजी पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धार्मिक परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब इसकी कड़ियां नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) के चर्चित उत्पीड़न केस से जुड़ती नजर आने लगीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ATS अब NGO की फंडिंग, उसके स्रोत और संभावित अंतरराष्ट्रीय या संदिग्ध लिंक की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम तो नहीं कर रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, NGO के दफ्तर और उससे जुड़े स्थानों की तलाशी ली गई है और एक साल तक के CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि पीड़ितों के आरोपों की पुष्टि हो सके।
इस केस का एक अहम पहलू नासिक के TCS यूनिट से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप भी हैं, जिसने पहले ही देशभर में सनसनी फैला दी थी। उस मामले में कई कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाकर जांच शुरू की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या नागपुर NGO और नासिक केस के बीच कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध है।
बताया जा रहा है कि आरोपी NGO का इस्तेमाल एक “फ्रंट” के रूप में कर रहा था, जहां महिलाओं पर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने और ड्रेस कोड मानने का दबाव डाला जाता था। कुछ मामलों में सोशल मीडिया के जरिए निगरानी और मानसिक दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
इस बीच, नासिक TCS केस भी लगातार चर्चा में है, जहां कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अदालत में सुनवाई जारी है। कुछ मामलों में आरोपियों पर यौन शोषण और धार्मिक दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिका पहुंच चुकी है, जिसमें जबरन धर्म परिवर्तन को “राष्ट्रीय सुरक्षा” से जोड़कर देखा गया है।
कुल मिलाकर, नागपुर NGO मामला अब केवल एक स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क और संगठित गतिविधियों की आशंका की ओर इशारा कर रहा है। ATS की एंट्री के बाद इस केस की गंभीरता और बढ़ गई है, और आने वाले दिनों में जांच के नए खुलासे इस पूरे मामले को और बड़ा बना सकते हैं।
