राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। पिछले वर्षों में परीक्षा की सुरक्षा और पेपर लीक को लेकर उठे सवालों के बाद एजेंसी इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को खत्म करने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है। इसी दिशा में NTA ने परीक्षा केंद्रों की निगरानी, उम्मीदवारों की पहचान सत्यापन प्रक्रिया और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है।
एजेंसी के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। अभ्यर्थियों की एंट्री के समय बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस रिकग्निशन और एडमिट कार्ड की डिजिटल जांच जैसे उपाय किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। NTA ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रश्नपत्रों की ढुलाई और वितरण की पूरी प्रक्रिया अत्यधिक सुरक्षित तरीके से पूरी हो।
री-एग्जाम के दौरान तकनीकी निगरानी को भी बढ़ाया गया है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सभी संवेदनशील गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से देशभर के परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था भी तैयार की गई है।
NTA ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें। एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी वेबसाइटों, पेपर लीक के दावों और धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उम्मीदवारों को परीक्षा संबंधी सभी अपडेट NTA की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NTA द्वारा उठाए गए ये कदम मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को मजबूत करने में मदद करेंगे। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर इस बार एजेंसी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है, ताकि उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके। NEET UG 2026 री-एग्जाम के सफल और सुरक्षित आयोजन पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
