राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक उपयोगी खबर है। अगर आपको हाईवे के किसी टोल प्लाजा पर गंदा और बदहाल शौचालय दिखाई देता है, तो उसकी शिकायत करके 1,000 रुपये का इनाम पा सकते हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ पहल का उद्देश्य हाईवे पर शौचालयों की साफ-सफाई बेहतर करना और यात्रियों को सुविधाओं की निगरानी में शामिल करना है। पात्र शिकायत स्वीकार होने पर इनाम नकद नहीं, बल्कि संबंधित वाहन के FASTag में रिचार्ज के रूप में दिया जाता है।
इस योजना के तहत यात्री को गंदे शौचालय की साफ तस्वीर ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के नवीनतम संस्करण के जरिए अपलोड करनी होगी। तस्वीर में स्थान की जानकारी यानी जियो-टैग और फोटो खींचे जाने का समय दर्ज होना जरूरी है। शिकायत जमा करते समय नाम, स्थान, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी देनी होती है। इन विवरणों के आधार पर शिकायत की जांच की जाती है।
शिकायत सही पाए जाने पर 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज संबंधित वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े FASTag में जमा किया जाता है। यह राशि किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं की जा सकती और न ही इसे नकद में लिया जा सकता है। इसलिए इस पहल में हिस्सा लेने वाले यात्रियों को अपने वाहन की सही जानकारी देना जरूरी है।
हालांकि, यह इनाम हर तरह के हाईवे शौचालय के लिए उपलब्ध नहीं है। योजना केवल उन्हीं शौचालयों पर लागू होती है, जिनका निर्माण, संचालन या रखरखाव NHAI के अधिकार क्षेत्र में आता है। पेट्रोल पंपों, सड़क किनारे बने ढाबों और अन्य ऐसी जगहों के शौचालय, जो NHAI के नियंत्रण में नहीं हैं, इस योजना में शामिल नहीं हैं।
इनाम पाने के लिए कुछ दूसरी शर्तें भी हैं। एक वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर को पूरी योजना की अवधि में केवल एक बार 1,000 रुपये का रिचार्ज मिल सकता है। किसी एक शौचालय के लिए एक दिन में कई शिकायतें आने पर केवल पहली वैध शिकायत पर विचार किया जाएगा। धुंधली, एडिट की गई, डुप्लिकेट या पहले जमा की जा चुकी तस्वीरें खारिज की जा सकती हैं। तस्वीरों और शिकायतों की जांच AI आधारित स्क्रीनिंग तथा जरूरत पड़ने पर मैनुअल सत्यापन के जरिए की जाती है।
NHAI ने इस पहल को राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छता और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया था। प्राधिकरण ने जुलाई 2026 में योजना को बढ़ाकर 30 जून 2027 तक जारी रखने की घोषणा की थी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 2026 में उस समय तक 429 यात्रियों को गंदे शौचालयों की रिपोर्ट करने के लिए 1,000-1,000 रुपये के FASTag रिचार्ज दिए जा चुके थे।
इस पहल के साथ NHAI ने टोल प्लाजा पर सफाई व्यवस्था की निगरानी भी सख्त की है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी सरकारी जानकारी के मुताबिक, रखरखाव के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली टोल शुल्क वसूली एजेंसियों पर कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर कमियों को दूर करने तक या 15 दिनों की अवधि के लिए ऐसी एजेंसियों को कुछ NHAI निविदाओं में भाग लेने से रोका जा सकता है। इसका उद्देश्य शौचालयों और टोल प्लाजा की दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव में जवाबदेही बढ़ाना है।
अगर आप हाईवे पर सफर के दौरान किसी ऐसे टोल प्लाजा शौचालय को देखते हैं, जो गंदा है, तो उसकी तस्वीर लेते समय योजना की सभी शर्तों का ध्यान रखें और राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करें। ध्यान रहे कि केवल फोटो भेजना इनाम की गारंटी नहीं है; शिकायत का वैध होना और जांच में स्वीकार किया जाना जरूरी है। इस व्यवस्था के जरिए यात्रियों को शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है और संबंधित एजेंसियों पर सफाई बनाए रखने का दबाव भी बढ़ता है
