Advertisement
राजनीतिलाइव अपडेट
Trending

क्या 2026 में नीतीश कुमार राजनीति से रिटायर होंगे?

Advertisement
Advertisement

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर 2026 की शुरुआत से ही चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या वे इस साल राजनीति और मुख्यमंत्री पद से रिटायर होने वाले हैं या नहीं। इस विषय पर एक वीडियो खबर अमर उजाला में प्रकाशित की गई है, जिसमें सवाल उठाया गया है कि 2026 में क्या नीतीश कुमार अपनी सक्रिय राजनीति से पीछे हटेंगे और इस साल की शुरुआत में क्यों उन्हें मीडिया से भी दूरी बनाए रखा जा रहा है — खासकर तब जब वह ‘समृद्धि यात्रा’ की तैयारियों में व्यस्त हैं।

2025 के अंत में नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव जीतकर 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जो उनकी राजनीतिक शक्ति और लोकप्रियता को दर्शाता है। इसके बावजूद, विपक्षी दल और कुछ आलोचक उनके उम्र (74 वर्ष) और स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा यह दावा कर रहे हैं कि शायद 2026 में उन्हें राजनीति से पीछे हट जाना चाहिए। इन दावों के बीच अब यह चर्चा भी है कि ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत जनता के बीच सक्रिय रूप से उतरकर नीतीश खुद अपने समर्थन और राजनीति की ऊर्जा को प्रदर्शित कर रहे हैं, जो संकेत देता है कि उनका लक्ष्य रिटायरमेंट नहीं बल्कि जनता से जवाब देना और समर्थन जुटाना है।

बता दें कि ‘समृद्धि यात्रा’ 16 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली है, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के कई जिलों से होते हुए जनता से सीधा संवाद करेंगे और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यात्रा का उद्देश्य लोगों की आर्थिक और सामाजिक समृद्धि पर आधारित सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रस्तुत करना बताया जा रहा है। यह यात्रा न केवल विकास की कहानी सुनाने बल्कि आलोचकों को भी जवाब देने जैसा संदेश देती प्रतीत होती है।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सवाल केवल नीतीश कुमार की रिटायरमेंट की नहीं बल्कि उनकी राजनीतिक सक्रियता और नेतृत्व की मजबूती से भी जुड़ा हुआ है। विपक्ष की ओर से पहले ही यह दावे उठे थे कि वे बूढ़े पड़ गये हैं या राजनीतिक रूप से कमजोर हो गये हैं, लेकिन 2025 की चुनावी जीत और लगातार सक्रिय दिख रहे कदमों से ऐसा लगता है कि उनका नेतृत्व अब भी मजबूत स्थिति में है।

वहीं, जनता और समर्थकों की फ़ीडबैक से भी यह स्पष्ट होता है कि कई लोग उन्हें “सुशासन बाबू” के नाम से संबोधित करते हैं और उनके नेतृत्व को बिहार में स्थिरता और विकास का प्रतीक मानते हैं। ऐसे में यह बहस कि क्या नीतीश 2026 में रिटायर होंगे, फिलहाल केवल राजनीतिक अटकलों और मीडिया चर्चा तक सीमित दिखती है न कि किसी निर्णायक ऐलान तक।

राजनीतिक विश्लेषक यह भी जोड़ते हैं कि यदि उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा करनी होती, तो संभवतः पार्टी और गठबंधन के भीतर पहले ही इसके संकेत देखने को मिलते, जैसे कि उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा या संगठनात्मक बदलाव के संकेत। फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक संकेत या घोषणा नहीं आया है, बल्कि मुख्यमंत्री खुद जनता के बीच पहुँचने पर केंद्रित हैं, जो उनके राजनीतिक संकल्प और सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।

इसलिए 2026 में रिटायरमेंट को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक यात्रा को अपने निर्णय और जनता के समर्थन से आगे बढ़ाना चाह रहे हैं, न कि स्वयं को पीछे हटाने का निर्णय लेना।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share