नई दिल्ली: विपक्ष द्वारा **लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No‑Confidence Motion) पेश किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और यह प्रस्ताव संभवत: 9 मार्च 2026 को संसद में चर्चा के लिए लाया जा सकता है, जो बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन है।
विपक्षी पार्टियों, विशेषकर कांग्रेस के नेतृत्व में, 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा महासचिव को सौंपा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि स्पीकर ने विपक्ष के सदस्यों को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया है और पक्षपाती रवैया अपनाया है।
सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला ने घोषणा की है कि वह तब तक संसद की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे जब तक इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय या चर्चा नहीं हो जाती, हालांकि नियम के अनुसार यह कदम आवश्यक नहीं है।
इस प्रस्ताव के समर्थन में विपक्ष के कई दल मौजूद हैं, जबकि कुछ जैसे ट्रिनमOOL कांग्रेस (TMC) ने विचार के लिए थोड़ा समय मांगा है और अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि संसद में चर्चा और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाया जा रहा है, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
अगर यह प्रस्ताव 9 मार्च को चर्चा के लिए स्वीकार हो जाता है, तो यह संसद के कामकाज, पार्टी संवाद और संसदीय प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना होगी, जो आगे के दिनों में बड़े राजनीतिक मोर्चों पर प्रभाव डाल सकती है।
