नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर जांच एजेंसियों के हाथ बड़े सुराग लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में सोशल मीडिया के जरिए सुनियोजित साजिश रची गई थी और कुछ संदिग्ध हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे। तकनीकी जांच में सामने आया कि कम से कम दो एक्स (X) अकाउंट्स पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को भड़काने और माहौल खराब करने के लिए किया गया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हिंसा अचानक नहीं भड़की, बल्कि इसके पीछे पहले से प्लानिंग की गई थी। व्हाट्सएप ऑडियो, इंस्टाग्राम चैट और अन्य डिजिटल सबूतों से संकेत मिला है कि भीड़ को संगठित करने, पुलिस पर दबाव बनाने और हालात बिगाड़ने की रणनीति पहले से तैयार थी।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फर्जी अकाउंट्स बनाए गए, जिनके जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए गए। शुरुआती जांच में 50 से ज्यादा फर्जी हैंडल सक्रिय पाए गए, जो हिंसा भड़काने में अहम भूमिका निभा रहे थे।
इस मामले में अब तक सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अंतरराष्ट्रीय साजिश काम कर रही थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए “बाहरी ताकतों” की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और STF की टीमें सोशल मीडिया नेटवर्क, डिजिटल फुटप्रिंट और संदिग्ध संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इस पूरे षड्यंत्र का पूरा सच सामने लाया जा सके।
