नॉर्वे ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement, FTA) को ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम बताते हुए भारत के साथ आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है, यह बात नॉर्वे की भारत में राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कही है, जिससे भारत-यूरोप आर्थिक रिश्तों में डील की प्रगति को एक बड़ा impulso मिला है।
राजदूत स्टेनर ने इंटरव्यू में कहा कि भारत-EU FTA को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है और यह दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ नॉर्वे, भारत और पूरे यूरोपीय क्षेत्र के बीच आर्थिक संबंधों के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा, भले ही नॉर्वे खुद EU का सदस्य नहीं है। नॉर्वे हाल ही में भारत के साथ Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) के तहत पहले से ही आर्थिक साझेदारी रखता है, जो अक्टूबर 2025 से लागू हुआ है और इससे द्विपक्षीय व्यापार को गति मिली है।
स्टेनर ने मुक्त व्यापार की वकालत करते हुए कहा कि नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यवस्था और व्यापार बाधाओं को हटाना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर ऐसे समय में जब संरक्षणवाद और टैरिफ युद्ध विश्वव्यापी मुद्दे बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने नॉर्वे और भारत के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों के बढ़ते व्यापारिक हितों पर भी जोर दिया।
इस समर्थन से संकेत मिलता है कि भारत-यूरोपीय संघ FTA न केवल भारत और EU के बीच संबंधों को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक आर्थिक एकीकरण और निवेश सहयोग के नए अवसर भी खोल सकता है, जिससे दोनों पक्षों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
