देश में सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली निवेश योजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डाकघर की राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) योजना एक बार फिर चर्चा में है। यह योजना उन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जो जोखिम से बचते हुए निश्चित रिटर्न के साथ टैक्स बचत का लाभ लेना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी संपत्ति के ब्योरे में समय-समय पर इस योजना में निवेश का उल्लेख कर चुके हैं, जिसके चलते आम लोगों के बीच भी इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है, जिसे डाकघरों के माध्यम से संचालित किया जाता है। इस योजना को खासतौर पर मध्यम वर्ग और वेतनभोगी निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से पूंजी का निर्माण कर सकें। सरकार समय-समय पर इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है और वर्तमान में इस योजना पर 7.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है, जो सालाना चक्रवृद्धि के आधार पर जुड़ता है तथा परिपक्वता अवधि पूरी होने पर एकमुश्त भुगतान किया जाता है।
NSC की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना की परिपक्वता अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। निवेशक इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं और अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि कर छूट का लाभ केवल निर्धारित सीमा तक ही उपलब्ध होता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच NSC जैसे सरकारी संरक्षण वाले निवेश विकल्प लोगों को स्थिर और सुरक्षित रिटर्न प्रदान कर सकते हैं। यही वजह है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों, नौकरीपेशा लोगों और दीर्घकालिक बचत की योजना बनाने वाले निवेशकों के बीच इसकी मांग लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, इस योजना को बैंक ऋण के लिए गिरवी भी रखा जा सकता है, जिससे इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि का आकलन जरूर करना चाहिए। NSC उन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प माना जाता है जो निश्चित आय, पूंजी की सुरक्षा और कर बचत के तीनों लाभ एक साथ प्राप्त करना चाहते हैं। आने वाले समय में भी यह योजना छोटे निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद सरकारी बचत साधनों में शामिल रह सकती है।
