भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की विचारधारा, उपलब्धियों और भविष्य के एजेंडे को विस्तार से सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने “Nation First” यानी ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना को बीजेपी की सबसे बड़ी पहचान बताया और कहा कि यही सिद्धांत पार्टी को बाकी दलों से अलग बनाता है। उन्होंने पार्टी के संस्थापकों—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी—को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शों पर चलते हुए आज बीजेपी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कार्यकर्ताओं की भूमिका को सबसे अहम बताया और कहा कि बीजेपी की असली ताकत उसके “कर्मठ कार्यकर्ता” हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के लिए काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज पार्टी “अंत्योदय” के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का काम कर रही है और इसी नीति के कारण करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
अपने संबोधन में PM Modi ने सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जैसे महिलाओं को आरक्षण देना, पुराने कानूनों को खत्म करना, और बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करना। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का माध्यम है, जो देश के विकास को सर्वोपरि मानता है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भविष्य के बड़े एजेंडे भी सामने रखे। उन्होंने Uniform Civil Code (UCC) और “One Nation, One Election” को देश के लिए महत्वपूर्ण सुधार बताते हुए कहा कि इन मुद्दों पर सकारात्मक और गंभीर चर्चा चल रही है। उनका मानना है कि ये कदम देश में एकरूपता और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
PM Modi ने “विकसित भारत” (Viksit Bharat) के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बीजेपी लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को पहुंचाएं और देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कुल मिलाकर, बीजेपी के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री का यह संबोधन न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक संदेश रहा, बल्कि आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक दिशा और प्राथमिकताओं का भी स्पष्ट संकेत देता है।
