पुणे में बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-3 के उद्घाटन से ठीक पहले एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने परियोजना की निर्माण गुणवत्ता और तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुणे के मान मेट्रो स्टेशन के अंदर बारिश का पानी टपकता और फर्श पर जमा होता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्टेशन के कर्मचारी बाल्टियां लगाकर पानी इकट्ठा करते और पोंछे से फर्श साफ करते नजर आ रहे हैं। यह घटना 1 नवंबर की शाम की बताई जा रही है, जबकि मेट्रो लाइन का उद्घाटन 3 नवंबर को होना है।
यह मेट्रो कॉरिडोर करीब 8,313 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। लगभग 23.2 किलोमीटर लंबी यह एलिवेटेड लाइन मान से शुरू होकर हिंजेवाड़ी के आईटी हब होते हुए शिवाजीनगर तक पहुंचेगी। इस रूट पर कुल 23 स्टेशन बनाए गए हैं। ऐसे में उद्घाटन से ठीक पहले स्टेशन के अंदर पानी रिसने की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों ने निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
मामले पर पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) ने सफाई देते हुए कहा कि पानी का रिसाव किसी संरचनात्मक खराबी के कारण नहीं हुआ। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता रीनाज पठान के मुताबिक, स्टेशन के प्रवेश ढांचे की छत पर बारिश का पानी निकालने वाले पाइप में अस्थायी रुकावट आ गई थी। इससे छत पर पानी जमा हुआ और बाद में ओवरफ्लो होकर स्टेशन बॉक्स तथा प्रवेश ढांचे के बीच मौजूद हिस्से से नीचे रिसने लगा।
PMRDA का कहना है कि ड्रेनेज पाइप में आई रुकावट को हटा दिया गया है और अब पानी की निकासी सामान्य रूप से हो रही है। प्राधिकरण ने यह भी दावा किया कि स्टेशन बॉक्स या प्रवेश ढांचे के किसी भी संरचनात्मक हिस्से में खराबी नहीं पाई गई है। हालांकि, इस घटना के बाद यह सवाल बना हुआ है कि पाइप में रुकावट किस वजह से आई और दोनों ढांचों के बीच पानी रोकने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
मान स्टेशन पर पानी जमा होने के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने सवाल किया कि जब स्टेशन अभी यात्रियों के लिए खुला भी नहीं है, तब ऐसी स्थिति क्यों बनी। लोगों ने यह भी पूछा कि अगर सामान्य बारिश में पानी स्टेशन के अंदर पहुंच सकता है, तो तेज बारिश के दौरान यात्रियों को किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठाए गए सवाल अपने आप में किसी निर्माण संबंधी खामी का तकनीकी प्रमाण नहीं हैं।
पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से करेंगे। परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल होंगे। सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के आईटी क्षेत्र को शिवाजीनगर से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा और रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों तथा अन्य यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प देगा।
यात्रियों के लिए इस रूट पर सेवाएं 4 नवंबर से शुरू होने की योजना है। शुरुआती चरण में 23 में से 17 स्टेशन खोले जाने हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्टेशनों पर शुरुआत में केवल एक सीढ़ी यात्रियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रहेगी, जबकि बाकी स्टेशनों पर दोनों सीढ़ियों का संचालन किया जाएगा। इससे साफ है कि कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से यात्रियों के लिए खोला जाएगा।
इस घटना ने उद्घाटन से पहले स्टेशन की तैयारियों की जांच और जल निकासी व्यवस्था के परीक्षण को लेकर चर्चा तेज कर दी है। PMRDA ने पाइप की रुकावट दूर होने और संरचनात्मक खराबी नहीं होने की बात कही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से जरूरी है कि पानी रिसने की वजह की पूरी जांच हो तथा प्रभावित हिस्से की व्यवस्था को दोबारा परखा जाए। अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि मेट्रो सेवा शुरू होने से पहले ऐसी समस्या की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
