
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच अहम बातचीत हुई। इस बातचीत में खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते संकट, ईरान के साथ चल रहे युद्ध और इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता पर चर्चा की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बातचीत उस समय हुई जब पाकिस्तान खुद अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है और क्षेत्र में तनाव कम कराने के प्रयास तेज हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जनरल आसिम मुनीर हाल ही में तेहरान दौरे पर थे, जहां उन्होंने अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश की। इसी दौरान ट्रंप ने फोन के जरिए उनसे संपर्क किया और स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव चरम पर है और अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध (ब्लॉकेड) के कारण हालात और बिगड़ गए हैं।
दरअसल, अप्रैल 2026 में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी थी, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ा। इसके जवाब में ईरान ने भी कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पहल की और इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित कराई। हालांकि शुरुआती दौर की बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी।
मौजूदा स्थिति में एक बार फिर इस्लामाबाद में नई वार्ता की तैयारी चल रही है, जिसमें अमेरिका के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, लेकिन ईरान ने फिलहाल इसमें भाग लेने को लेकर अनिश्चितता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज संकट और सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास ही इस संघर्ष को रोकने का एकमात्र रास्ता हैं।
इसी बीच पाकिस्तान की भूमिका भी लगातार मजबूत होती दिख रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर दोनों ही इस संकट को सुलझाने के लिए सक्रिय हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, जमीनी हालात और दोनों देशों के बीच अविश्वास के कारण शांति वार्ता की राह अभी भी कठिन बनी हुई है।
कुल मिलाकर, ट्रंप और पाकिस्तान सेना प्रमुख के बीच हुई यह बातचीत इस बात का संकेत है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भले ही जारी हो, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर समाधान की कोशिशें भी उतनी ही तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस्लामाबाद वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।



