क्रिकेट में आपने गेंदबाजों को गेंद डालने से पहले कुछ कदम या ज्यादा से ज्यादा कुछ दर्जन मीटर तक दौड़ते हुए देखा होगा, लेकिन इंग्लैंड के क्लब क्रिकेटर सैम बोडुआनो ने रन-अप की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने एक गेंद फेंकने से पहले करीब 100 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी की और इसके बाद मैदान पर पहुंचकर सिर्फ 1 गेंद डाली। यह असाधारण कारनामा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के सबसे लंबे क्रिकेट बॉलिंग रन-अप के प्रयास के तौर पर किया गया।
सैम बोडुआनो ने यह चुनौती लंदन स्थित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से शुरू की और करीब 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करते हुए वोकिंग के वैली एंड क्रिकेट क्लब पहुंचे। इस पूरी दूरी को तय करने में उन्हें लगभग 14 घंटे लगे। खास बात यह रही कि वह पूरी चुनौती के दौरान क्रिकेट की सफेद ड्रेस में थे और अपने साथ क्रिकेट की गेंद भी लेकर चल रहे थे।
इतनी लंबी दौड़ पूरी करने के बाद सैम सीधे आराम करने नहीं गए, बल्कि उन्होंने मैदान पर पहुंचकर अपने इस अनोखे रन-अप को पूरा किया और एक गेंद फेंकी। यह गेंद उन्होंने अपने पिता को डाली। इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में सबसे लंबे रन-अप से गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश को पूरा किया। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले पुरुष क्रिकेट में यह रिकॉर्ड 24 किलोमीटर के रन-अप का था, जिसे 2024 में टॉम डन ने बनाया था। सैम ने उस दूरी से कई गुना ज्यादा दौड़ लगाकर नया रिकॉर्ड प्रयास किया।
सैम का यह कारनामा सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं था। इसके पीछे एक नेक मकसद भी जुड़ा था। उन्होंने यह चुनौती कैंसर चैरिटी ‘द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन’ के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से पूरी की। यह संस्था इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस की दिवंगत पत्नी रूथ की याद में काम करती है। इस अभियान के जरिए करीब 6,000 पाउंड यानी लगभग 7 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
सैम ने इस चुनौती के दौरान जिस तरह की शारीरिक और मानसिक ताकत दिखाई, वह अपने आप में हैरान करने वाली है। 100 किलोमीटर दौड़ने के बाद सामान्य तौर पर शरीर पूरी तरह थक जाता है, लेकिन सैम को इसके बाद क्रिकेट मैदान पर जाकर गेंद भी डालनी थी। उन्होंने बताया कि यह अनुभव बेहद कठिन था और इस दौरान उन्हें काफी थकान तथा नींद की कमी का सामना करना पड़ा। हालांकि, चैरिटी के लिए धन जुटाने का उद्देश्य उनके लिए इस कठिनाई से बड़ा था।
इस पूरे प्रयास की एक खास शर्त यह भी थी कि रिकॉर्ड प्रयास के दौरान सैम को क्रिकेट की पोशाक में रहना था, हाथ में क्रिकेट गेंद रखनी थी और दौड़ पूरी करने के बाद क्रिकेट मैच में गेंदबाजी करनी थी। इन शर्तों को पूरा करने के लिए उन्होंने लॉर्ड्स से वैली एंड क्रिकेट क्लब तक की दूरी तय की। यानी यह सिर्फ लंबी दूरी की दौड़ नहीं थी, बल्कि इसे क्रिकेट की गेंदबाजी से जोड़कर आधिकारिक रिकॉर्ड प्रयास का रूप दिया गया।
सैम की यात्रा लॉर्ड्स से शुरू हुई, जो क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक मैदानों में से एक माना जाता है। वहां से निकलकर उन्होंने रात और दिन के लंबे सफर के बाद वोकिंग स्थित वैली एंड क्रिकेट क्लब का रास्ता तय किया। लगभग 14 घंटे तक दौड़ने के बाद जब वह क्लब पहुंचे तो उनके सामने अंतिम चुनौती थी—उस लंबी यात्रा के बाद गेंदबाजी करना। उन्होंने मैदान पर उतरकर यह काम भी पूरा किया और अपने प्रयास को यादगार बना दिया।
इस अनोखे रिकॉर्ड ने सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी काफी उत्सुकता पैदा की है। आम तौर पर क्रिकेट में गेंदबाज का रन-अप उसकी गेंद की गति और लय से जुड़ा होता है, लेकिन सैम ने रन-अप को ही एक अलग तरह की endurance challenge बना दिया। 100 किलोमीटर की दूरी पूरी करने के बाद एक गेंद डालना सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे जिस स्तर की तैयारी और शारीरिक क्षमता की जरूरत थी, वह बेहद कठिन थी।
सैम की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने क्रिकेट और लंबी दूरी की दौड़, दोनों को एक साथ जोड़ दिया। एक तरफ उन्हें endurance athlete की तरह लंबी दूरी तय करनी थी और दूसरी तरफ क्रिकेटर के रूप में मैदान पर पहुंचकर गेंद डालनी थी। दोनों गतिविधियों के लिए अलग-अलग तरह की फिटनेस और मानसिक तैयारी की जरूरत होती है।
इस प्रयास में सबसे बड़ी बात यह रही कि सैम ने अपनी व्यक्तिगत चुनौती को सामाजिक उद्देश्य से जोड़ दिया। रिकॉर्ड के लिए की गई मेहनत से कैंसर चैरिटी के लिए पैसा जुटाना इस पूरे अभियान को केवल खेल की सनक नहीं रहने देता, बल्कि इसे एक सामाजिक पहल भी बना देता है। लगभग 6,000 पाउंड की राशि जुटना इस बात का संकेत है कि उनके प्रयास को लोगों का समर्थन मिला।
हालांकि, रिकॉर्ड की आधिकारिक मान्यता के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। सैम ने निर्धारित शर्तों के अनुसार यह प्रयास पूरा किया है और इसे विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुत किया गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि संबंधित संस्था की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी। इसलिए फिलहाल इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रयास या रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन कहना अधिक सटीक है।
क्रिकेट के मैदान पर एक गेंद डालने के लिए 100 किलोमीटर दौड़ना शायद खेल इतिहास की सबसे असामान्य चुनौतियों में से एक है। सैम बोडुआनो ने इस कारनामे के जरिए यह दिखा दिया कि क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए हमेशा ज्यादा रन या ज्यादा विकेट जरूरी नहीं होते। कभी-कभी सिर्फ 1 गेंद भी इतिहास में जगह बनाने के लिए काफी होती है—अगर उस 1 गेंद तक पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर का सफर तय किया गया हो।
