उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में शादी के महज 24 घंटे के भीतर नवविवाहित दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। बांसी कोतवाली क्षेत्र के जनियाजोत गांव में मंगलवार सुबह दूल्हा देशराज चौहान और उसकी पत्नी अनीता चौहान अपने कमरे में मृत मिले। देशराज का शव फंदे से लटका हुआ था, जबकि अनीता मृत अवस्था में बिस्तर या फर्श पर पाई गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, देशराज और अनीता का विवाह 21 सितंबर को बांसी स्थित टेकधर बाबा मंदिर में दोनों परिवारों की सहमति से हुआ था। दोनों परिवार पहले ही इस रिश्ते के लिए राजी थे और शादी तय की गई थी। हालांकि, परिवारों ने तय समय से पहले ही विवाह कराने का फैसला किया। शादी के बाद दोनों घर पहुंचे और रात में परिवार तथा रिश्तेदारों के साथ कार्यक्रम भी हुआ। इसके बाद सभी लोग सोने चले गए और नवदंपति अपने कमरे में चले गए।
मंगलवार सुबह जब काफी देर तक नवदंपति कमरे से बाहर नहीं आए तो परिवार के एक सदस्य ने उन्हें जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजे को धक्का दिया गया। बताया गया कि दरवाजा अंदर से बंद नहीं था और आसानी से खुल गया। कमरे के भीतर का दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए। देशराज फंदे से लटका मिला, जबकि अनीता मृत अवस्था में पड़ी थी। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के अनुसार, अभी तक दोनों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मौके से मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के कारण और घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि देशराज और अनीता के बीच पहले से जान-पहचान और प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था और कुछ महीने बाद शादी करने की योजना थी। देशराज कुछ समय पहले ही बाहर से अपने गांव लौटा था। इसके बाद अनीता भी उसके घर आई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद निर्धारित तारीख से पहले ही मंदिर में दोनों का विवाह करा दिया गया।
शादी के बाद घर में खुशी का माहौल था। रिश्तेदार और पड़ोसी विवाह समारोह में शामिल हुए थे। परिवार के मुताबिक, रात तक शादी से जुड़े कार्यक्रम चलते रहे। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने स्थान पर सोने चले गए। सुबह नवदंपति के कमरे से कोई हलचल नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, जिसके बाद यह घटना सामने आई। महज एक दिन पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां मौत की खबर से मातम छा गया।
घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं, लेकिन पुलिस ने अभी किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर सामने आ रही अटकलों को जांच का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच से ही चल पाएगा। दोनों परिवारों के सदस्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि शादी के बाद से लेकर घटना सामने आने तक के पूरे घटनाक्रम को समझा जा सके।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कमरे में दोनों किस परिस्थिति में पहुंचे थे और रात के दौरान क्या हुआ। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं होने का तथ्य भी जांच का हिस्सा है। हालांकि, केवल इस आधार पर घटना को हत्या या आत्महत्या बताना अभी जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सिद्धार्थनगर की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवविवाहित दंपति की मौत किस वजह से हुई और घटना के पीछे कोई आपराधिक पहलू था या नहीं। तब तक पुलिस ने मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
