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टाटा ग्रुप के शेयरों में गिरावट, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर विवाद का असर; इन शेयरों में आई बड़ी कमजोरी

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टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को लगातार दूसरी बार पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त किए जाने के बाद शुक्रवार को टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। टाटा संस के बोर्ड ने 17 सितंबर को चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन इसके बाद टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए।

शुक्रवार के कारोबार में टाटा केमिकल्स के शेयर में करीब 7.8 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन करीब 3.9 फीसदी नीचे आया, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टीसीएस के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में टाटा समूह की कई कंपनियों के शेयर 2 से 8 फीसदी तक कमजोर हुए।

चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर टाटा ट्रस्ट्स की आपत्ति

टाटा संस के बोर्ड ने बहुमत से चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए कार्यकारी चेयरमैन बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। टाटा ट्रस्ट्स ने इस निर्णय की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे कानूनी रूप से अमान्य बताया है।

चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है। इससे पहले उन्होंने अगस्त में दोबारा कार्यकाल लेने से इनकार किया था। बाद में टाटा संस के नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। इसके बाद उन्होंने बोर्ड के अनुरोध को स्वीकार किया और 17 सितंबर की बैठक में उनके पांच साल के नए कार्यकाल को मंजूरी दी गई।

टाटा संस की लिस्टिंग भी बनी विवाद का मुद्दा

चंद्रशेखरन की नियुक्ति के साथ ही टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग का मुद्दा भी चर्चा में है। बोर्ड ने भारतीय रिजर्व बैंक के लागू नियमों का पालन करने की दिशा में कदम उठाने और इस मामले में RBI, टाटा ट्रस्ट्स तथा अन्य संबंधित पक्षों से मार्गदर्शन लेने का फैसला किया है। टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर भी ट्रस्ट्स और कंपनी बोर्ड के बीच मतभेद सामने आए हैं।

बाजार में टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट को इसी नेतृत्व विवाद और टाटा संस की लिस्टिंग से जुड़े घटनाक्रम के बीच देखा जा रहा है। निवेशकों के लिए आगे टाटा संस के बोर्ड के फैसलों, टाटा ट्रस्ट्स के रुख और आगामी शेयरधारक मंजूरी से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे।

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