तेज प्रताप यादव ने यह वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने वृंदावन के वंशीवट को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा पवित्र स्थल बताया और बांसुरी की मधुर धुन का उल्लेख किया। वीडियो के बैकग्राउंड में कृष्ण भक्ति से जुड़े गीत सुनाई दे रहे हैं, जबकि तेज प्रताप पारंपरिक अंदाज में बांसुरी बजाते दिखाई देते हैं। उनके इस अंदाज को समर्थक आध्यात्मिक जुड़ाव और कृष्ण प्रेम का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर कई लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं।
तेज प्रताप यादव का वृंदावन और भगवान कृष्ण की भक्ति से जुड़ाव कोई नया नहीं है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर कृष्ण के रूप में नजर आ चुके हैं। कभी जन्माष्टमी के अवसर पर, कभी होली के दौरान और कभी धार्मिक आयोजनों में वह बांसुरी बजाते और कृष्ण स्वरूप में दिखाई दिए हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनका वृंदावन से विशेष लगाव रहा है और छात्र जीवन के दौरान भी वह वहां की गलियों में समय बिताते थे।
राजनीतिक जीवन के साथ-साथ तेज प्रताप यादव की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां हमेशा चर्चा में रहती हैं। कभी वह भगवान कृष्ण का रूप धारण करते हैं तो कभी भगवान शिव के वेश में दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं, जिनमें वह बांसुरी, शंख या अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते नजर आते हैं। इसी वजह से उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में भी बनी है, जो राजनीति के साथ-साथ अपनी आध्यात्मिक छवि को भी खुलकर सामने रखते हैं।
हालांकि तेज प्रताप यादव पिछले कुछ समय से राजनीतिक कारणों से भी लगातार खबरों में रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) का गठन किया था। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवार भी उतारे थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद वह लगातार सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए चर्चा में बने हुए हैं।
वृंदावन से सामने आए इस नए वीडियो ने एक बार फिर तेज प्रताप यादव को सुर्खियों में ला दिया है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक इसे कृष्ण भक्ति का अनूठा उदाहरण बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक छवि निर्माण से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि तेज प्रताप यादव अपने अलग अंदाज और अनोखी प्रस्तुतियों के कारण बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।