तिब्बत में विनाशकारी भूकंप के दो दिन बाद शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह एक बार फिर धरती कांप उठी। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर तिब्बत में 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस झटके के बाद प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इलाके में पहले से ही राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
NCS के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह आए भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसका स्थान 31.485 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.528 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। इससे पहले भी सुबह करीब 4 बजकर 9 मिनट पर तिब्बत-चीन क्षेत्र में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यानी कुछ ही घंटों के भीतर क्षेत्र में दो मध्यम तीव्रता के झटके रिकॉर्ड किए गए।
इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात उत्तरी तिब्बत के नागचू क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। स्थानीय अधिकारियों की ओर से शुक्रवार तक मिली जानकारी के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। भूकंप के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में लगातार छोटे-बड़े झटके दर्ज किए जा रहे हैं। चीन के भूकंप निगरानी केंद्र के मुताबिक, मुख्य झटके के बाद सैकड़ों छोटे झटके रिकॉर्ड किए गए थे। ऐसे झटके बड़े भूकंप के बाद आ सकते हैं, लेकिन हर नए झटके को आफ्टरशॉक घोषित करने के लिए उसकी स्थिति और भूकंपीय गतिविधि का वैज्ञानिक आकलन जरूरी होता है।
भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के साथ लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त इमारतों को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि भूकंप से कमजोर हुई दीवारें और ढांचे बाद के झटकों में गिर सकते हैं। इसी वजह से प्रभावित लोगों को क्षतिग्रस्त भवनों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
इस बीच हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैकलॉडगंज में तिब्बती यूथ कांग्रेस की ओर से भूकंप में जान गंवाने वालों की याद में कैंडल लाइट प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। इस आयोजन के जरिए तिब्बती समुदाय ने आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई।
तिब्बत में आए नए झटकों के बाद प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, शनिवार सुबह दर्ज किए गए 4.5 तीव्रता के भूकंप से हुए किसी नए नुकसान या हताहतों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राहत कार्यों को जारी रखना है।
