उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पाँचवें दिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश की विकास यात्रा, बजट की प्रमुख प्राथमिकताएँ और सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। यह सत्र 9 फरवरी से चल रहा है और 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹9.12 लाख करोड़ से अधिक का बजट विधानसभा में पेश किया, जो राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है।
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा को स्पष्ट किया कि पिछले 9 वर्षों में बजट लगभग तीन गुना बढ़ा है और प्रदेश ने “बीमारू” की छवि से उभरकर “अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट” के रूप में खुद को स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि बजट की थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम” पर आधारित है तथा आर्थिक अनुशासन और पूंजीगत व्यय पर विशेष ध्यान दिया गया है।
योगी ने सदन में विकास की कई उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं कृषि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि बजट में पूंजीगत व्यय का बड़ा हिस्सा सड़क, पुल, बिजली, पानी और डिजिटल अवसंरचना जैसे दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए रखा गया है, जो भविष्य में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
संसदीय प्रक्रिया के बीच कुछ विपक्षी विधायकों ने सदन में विभिन्न मुद्दों पर प्रश्न उठाए। विपक्षी दलों ने प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं पर सरकार को चुनौती दी। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है और वेतनमान एवं स्कूलों की हालत पर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के निरंतर विरोध और कुछ हंगामे के बीच भी कहा कि सरकार सभी जनहित के मुद्दों पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार है और विधानसभा की कार्यवाही को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की। इस दौरान उन्होंने कुछ विरोध कार्रवाइयों की निन्दा भी की, यह कहते हुए कि ऐसी हरकतें राज्य की सकारात्मक छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
योगी ने यह भी दोहराया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों के लिए सुयोग्य रोजगार, बेहतर शिक्षा अवसर, सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित समाज सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 का उद्देश्य केवल वित्तीय प्रबंधन नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक समावेशन को भी मजबूत करना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश के विकास के केंद्र के रूप में उभर सके।
