उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण आयोजन का साक्षी बनने जा रही है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” का लोकार्पण करेंगे और देश को तीन प्रमुख राष्ट्रीय विभूतियों की भव्य प्रतिमाएँ समर्पित की जाएँगी। इस आयोजन का खास अवसर इसलिए भी है क्योंकि आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती भी मनाई जा रही है, जो इस कार्यक्रम को और भी विशेष बनाती है।
इस विशाल स्मारक स्थल को बसंतकुंज योजना के तहत विकसित किया गया है, जिसका निर्माण 2022 में शुरू हुआ था और अब यह लगभग 65 एकड़ में फैला हुआ है। इस स्थल पर प्रमुख भारतीय राजनेताओं – अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं, जो राष्ट्रीय निर्माण और नेतृत्व की प्रेरणा को उजागर करती हैं।
इन प्रतिमाओं में से प्रत्येक लगभग 65 फीट ऊँची और ब्रॉन्ज़ की भित्तिकाएँ हैं, जिन्हें देशभक्ति और नेतृत्व की भावना का प्रतीक माना जाता है। प्रतिमाओं के चारों ओर सजावट के साथ जल निकाय भी बनाया गया है, जिससे स्थल की भव्यता और कला का संकेत मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में तीनों प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे और इसके पश्चात स्मारक परिसर के भीतर बने स्टेट-ऑफ-द-आर्ट म्यूज़ियम का भी उद्घाटन करेंगे। इस म्यूज़ियम में इन नेताओं के जीवन, काम, योगदान और विचारों को डिजिटल, ऑडियो-विज़ुअल और प्रासंगिक प्रदर्शनों के माध्यम से दिखाया जाएगा। यहाँ पांच गैलरियाँ, बारह इंटरप्रिटेशन वॉल और अनेक इंटरैक्टिव डिस्प्ले शामिल हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हैं।
कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं, जिसमें SPG सुरक्षा, बड़े पैमाने पर पुलिस तैनाती, ड्रोन निगरानी और भीड़ नियंत्रण की तैयारियाँ शामिल हैं। अनुमान है कि कार्यक्रम में लगभग डेढ़ लाख से दो लाख लोग शामिल होंगे और कार्यक्रम स्थल पर व्यापक व्यवस्था की गई है ताकि जनता व्यवस्थित रूप से भाग ले सके।
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले विभिन्न सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित होंगी, जिनमें गीत, झांकियाँ और तिरंगा गुब्बारों का शुभारंभ शामिल है। आयोजन स्थल पर कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के संदेशों को प्रसारित करने के लिए विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
यह पहल न केवल अतीत की महान घटनाओं और नेताओं के योगदान को याद दिलाती है, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी बढ़ावा देने का एक प्रयास है। यही कारण है कि “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” को एक प्रेरणादायक केंद्र और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जा रहा है, जहाँ आने वाली पीढ़ियाँ हमारे इतिहासिक नेताओं की विरासत से सीखें और आगे बढ़ें।
