संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम आने के बाद 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। दरअसल इस रैंक पर एक नहीं बल्कि दो महिलाओं ने दावा कर दिया था और दोनों का नाम आकांक्षा सिंह था। एक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली थीं, जबकि दूसरी बिहार के आरा से थीं। दोनों ने मीडिया और सोशल मीडिया पर दस्तावेज दिखाकर कहा कि उन्होंने ही UPSC CSE 2025 में 301वीं रैंक हासिल की है, जिससे पूरे देश में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब दोनों दावेदारों ने अपने-अपने एडमिट कार्ड और रोल नंबर दिखाए। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि शायद रिजल्ट में कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई है। हालांकि बाद में मामले की जांच के बाद सरकार और आधिकारिक एजेंसियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी।
आखिरकार जानकारी सामने आई कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव की आकांक्षा सिंह ही असली उम्मीदवार हैं, जिन्होंने UPSC CSE 2025 में ऑल इंडिया रैंक 301 हासिल की है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने उनका रोल नंबर, माता-पिता का नाम और पता जारी करके पूरे विवाद को खत्म कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि बिहार की ओर से किया गया दावा सही नहीं था और जो एडमिट कार्ड सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, उसमें मौजूद क्यूआर कोड और विवरण असली रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ही इस रैंक की वास्तविक हकदार हैं।
UPSC ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया था, जिसमें कुल 958 उम्मीदवारों को चयनित किया गया है। चयनित उम्मीदवारों को उनकी रैंक और वरीयता के अनुसार IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
