विश्व राजनीति में अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ता एक बार फिर तेज़ तनाव की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा और नवीनतम विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford को Strait of Gibraltar से होते हुए Mediterranean Sea में देखा गया है, जो मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के बारे में विचार कर रहा है।
अमेरिका की सैन्य स्थिति
• USS Gerald R. Ford को कई विध्वंसक जहाज़ों के साथ गश्त करते हुए देखा गया है और वह मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना की शक्ति को बढ़ा रहा है।
• इस विमानवाहक पोत के समुद्र में प्रवेश को “संभवित ईरान पर हमला” से जोड़ा जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर परमाणु वार्ता में सफलता नहीं मिलती है तो वे सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं।
• इसके अलावा, अमेरिका ने मौजूदा तनाव के बीच यूरोप के कुछ क्षेत्रों में लड़ाकू विमानों को भी तैनात किया है और पोजीशनिंग को मजबूत किया है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिका की इस मुद्रा का जवाब कड़ा स्वर देकर दिया है और कहा है कि वह दुनिया के दबाव में नहीं झुकेगा। साथ ही खुद को युद्ध और शांति दोनों के लिए तैयार बताया है।
स्थिति का सार
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अमेरिका ने USS Gerald R. Ford सहित बड़ी सैन्य टुकड़ियाँ मध्य पूर्व और उसके आस-पास स्थानांतरित की हैं।
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यह कदम बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष के बीच आया है, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विफल वार्ताओं के बावजूद।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इसका उद्देश्य रणनीतिक दबाव बढ़ाना और ईरान पर संभावित कार्रवाई की क्षमता को तैयार रखना है।
