15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी 2026 का डेब्यू उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ईस्ट जोन की ओर से नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उतरे वैभव पहली पारी में केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने अपनी छोटी सी पारी में 2 शानदार चौके लगाए, लेकिन इसके बाद उसी ओवर की आखिरी गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-2 में खेले जा रहे मुकाबले में नॉर्थ ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल रही थी। ईस्ट जोन की पारी में वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद थी, क्योंकि वह पिछले कुछ समय से अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण लगातार चर्चा में रहे हैं। हालांकि, इस बार वह क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके।
वैभव ने अपनी पारी की शुरुआत जरूर आक्रामक अंदाज में की। बिश्वोरजीत कोंथौजम के ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने कवर क्षेत्र से शानदार चौका लगाया। इसके बाद अगली गेंद पर भी वैभव ने बेहतरीन कवर ड्राइव खेलकर गेंद को सीमा रेखा के पार भेज दिया। लगातार 2 चौकों के बाद ऐसा लग रहा था कि युवा बल्लेबाज रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाने वाला है।
लेकिन बिश्वोरजीत कोंथौजम ने लगातार 2 चौके खाने के बाद अपना संयम नहीं खोया। ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव ने एक बार फिर कवर ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन इस बार उनके बल्ले का किनारा लग गया। गेंद गली की दिशा में गई, जहां जोसेफ लालथनखुमा ने कैच पकड़ लिया। इस तरह वैभव की दलीप ट्रॉफी की पहली पारी केवल 6 गेंदों में 8 रन पर समाप्त हो गई।
वैभव को आउट करने वाले बिश्वोरजीत कोंथौजम नॉर्थ ईस्ट जोन के अनुभवी तेज गेंदबाज हैं। मणिपुर से आने वाले 30 वर्षीय गेंदबाज का यह 48वां फर्स्ट-क्लास मुकाबला है। इससे पहले 47 फर्स्ट-क्लास मैचों में वह 145 विकेट हासिल कर चुके थे। इसके अलावा उनके नाम 49 लिस्ट-A मैचों में 66 विकेट और 46 टी20 मुकाबलों में 46 विकेट भी दर्ज हैं।
वैभव के लिए दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने के बाद अब उन्हें लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना है। रेड-बॉल क्रिकेट में नई गेंद का सामना करना, शुरुआती स्विंग और सीम को संभालना तथा लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखना उनके लिए अलग तरह की चुनौती है। इससे पहले भी वैभव फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन इस टूर्नामेंट में उन पर खास नजरें हैं क्योंकि वह ईस्ट जोन के उप-कप्तान की भूमिका में हैं।
हालांकि डेब्यू पारी में सिर्फ 8 रन बनाना वैभव के लिए निराशाजनक जरूर है, लेकिन 15 साल की उम्र में दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खेलना उनके अनुभव को बढ़ाने वाला मौका है। ईस्ट जोन की दूसरी पारी में अगर उन्हें बल्लेबाजी का अवसर मिलता है, तो उनके पास इस शुरुआती असफलता को पीछे छोड़कर बड़ी पारी खेलने का मौका होगा।
