आज के समय में जहां छोटे बच्चों का सुबह जल्दी उठना मुश्किल माना जाता है, वहीं एक छोटे से बच्चे का ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया है। यह बच्चा रोज सुबह करीब 6 बजे उठकर अपने घर के पास मौजूद दुकान के बाहर पहुंचता है और वहां गली के कुत्तों का इंतजार करता है। उसका मकसद किसी इंसान से मिलने का नहीं, बल्कि इन बेजुबान जानवरों को खाना खिलाने का होता है। बच्चे का यह मासूम व्यवहार अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुबह का समय है और सड़क पर ज्यादा चहल-पहल नहीं है। बच्चा दुकान के बाहर बैठकर कुत्तों के आने का इंतजार कर रहा है। कुछ देर बाद एक कुत्ता वहां पहुंचता है और बच्चे के पास आकर खड़ा हो जाता है। इसके बाद बच्चा दुकान से बिस्कुट का पैकेट खरीदता है और उसे कुत्ते को खिलाने लगता है। धीरे-धीरे वहां 2-3 और कुत्ते पहुंच जाते हैं और बच्चा बड़े प्यार से सभी को बिस्कुट बांटकर खिलाता दिखाई देता है।
बताया गया है कि यह केवल एक दिन की घटना नहीं है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स के मुताबिक, बच्चा रोजाना सुबह उठकर इसी तरह कुत्तों को खाना खिलाता है। खास बात यह है कि बच्चा ऐसा किसी प्रचार या दिखावे के लिए नहीं करता। वह चुपचाप दुकान के बाहर पहुंचता है, कुत्तों का इंतजार करता है और उनके आने के बाद उन्हें खाना खिलाकर वापस अपने काम में लग जाता है।
इस पूरे मामले को बिलाल नाम के एक व्यक्ति ने कैमरे में रिकॉर्ड किया और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो में बच्चे और कुत्तों के बीच दिखाई देने वाला अपनापन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। बच्चे की कम उम्र में जानवरों के प्रति इस तरह का प्रेम देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स उसकी तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों में बचपन से ही बेजुबान जानवरों के प्रति दया और संवेदनशीलता की भावना विकसित करना जरूरी है।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देने वाले लोगों में जहां बड़ी संख्या में यूजर्स ने बच्चे की मासूमियत की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई। यूजर्स का कहना है कि बच्चे का जानवरों के प्रति प्यार बेहद खूबसूरत है, लेकिन उसे आवारा कुत्तों के करीब जाते समय किसी बड़े व्यक्ति की निगरानी में रहना चाहिए। खासकर ऐसे समय में जब अलग-अलग जगहों से डॉग बाइट की घटनाएं सामने आती रहती हैं, छोटे बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हालांकि, इस चिंता के बावजूद वीडियो का सबसे सकारात्मक पहलू बच्चे की संवेदनशीलता है। इतनी कम उम्र में वह यह समझ रहा है कि भूखे जानवरों को खाना देना भी इंसानियत का हिस्सा है। वह रोज अपने समय का एक हिस्सा इन बेजुबान जानवरों के लिए निकालता है। उसकी इस छोटी सी आदत ने सोशल मीडिया पर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दया और करुणा के लिए उम्र बड़ी होने की जरूरत नहीं होती।
कई यूजर्स ने बच्चे के लिए शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि उसे बुरी नजर से बचाया जाए। लोगों का मानना है कि अगर बच्चों को बचपन से ही जानवरों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, तो समाज में दया और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो सकती है। यही वजह है कि कुछ सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
इस वायरल वीडियो की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई बड़ा दावा, महंगा सामान या चकाचौंध नहीं है। बस एक छोटा बच्चा है, कुछ भूखे कुत्ते हैं और उनके बीच प्यार और भरोसे का एक छोटा सा रिश्ता दिखाई देता है। बच्चे का रोज सुबह 6 बजे उठकर दुकान के बाहर बैठना और कुत्तों के आने का इंतजार करना लोगों को यह संदेश देता है कि इंसानियत और करुणा के छोटे-छोटे काम भी लोगों के दिल को छू सकते हैं।
