Advertisement
भारतलाइव अपडेट
Trending

BSNL निदेशक विवेक बंज़ल-केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

Advertisement
Advertisement

केंद्रीय संचार मंत्रालय और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के बीच एक अप्रत्याशित विवाद उभरा है, जब BSNL बोर्ड के निदेशक विवेक बंज़ल के प्रयागराज (प्रयागराज) दौरे के लिए तैयार किए गए वीआईपी प्रोटोकॉल का आधिकारिक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र में अधिकारियों को बंज़ल के लिए साधारण से हटकर बेहद विस्तृत और असामान्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें अंडरगारमेंट्स, तौलिया, चप्पल, कंघी, शीशा और बालों का तेल जैसे व्यक्तिगत सामान के साथ-साथ संगम स्नान, नाव की सवारी और मंदिर दर्शन जैसी सुविधाएँ देने के निर्देश शामिल थे।

आधिकारिक दस्तावेज़ में कुल लगभग 20 अलग-अलग कार्य सौंपे गए थे और लगभग 50 BSNL अधिकारियों/कर्मचारियों को इन तैयारियों के लिए जिम्मेदार बताया गया था। इन व्यवस्थाओं की व्यापकता और व्यक्तिगत सामान तक का उल्लेख होने के कारण यह आदेश वायरल हुआ, जिससे जनता और सरकारी गलियारे में “VIP कल्चर” और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई।

वायरल इनपुट और आलोचनाओं के बीच, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने इसे “अनुचित, अस्वीकार्य और स्थापित नियमों तथा परंपराओं का उल्लंघन” बताया और BSNL निदेशक बंज़ल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के पश्चात BSNL ने भी प्रतिक्रिया दी है कि इस ऑफिस आदेश में “वर्तमान निर्देशों के पालन में असंगति” पाई गई है। कंपनी ने कहा कि संबंधित स्थिति पेश आई है और उपयुक्त कार्रवाई की गई है तथा सभी कर्मचारियों को अनुशासन और निर्धारित नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है। इस प्रकरण में प्रयागराज दौरा भी रद्द कर दिया गया है।

बहुत से लोगों ने इस विवाद को सरकारी संस्थानों में बढ़ते हुए वीआईपी व्यवहार और जनवित्तीय संसाधनों के अनुचित प्रयोग के रूप में देखा है। सरकारी अधिकारियों की यात्रा के प्रोटोकॉल में इतने विस्तृत और व्यक्तिगत निर्देश का उल्लेख होना सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच के परिणाम और कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share