दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस यानी ADCP का करंट ड्यूटी चार्ज दिए जाने के आदेश में अब बदलाव कर दिया गया है। महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के मामले की जांच पूरी होने तक विवेक भगत यह अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर को जारी आदेश में संशोधन करने का फैसला किया है।
दरअसल, दिल्ली सरकार की ओर से 5 अक्टूबर को DANIPS कैडर के 12 अधिकारियों को ADCP के पद का करंट ड्यूटी चार्ज देने का आदेश जारी किया गया था। इसमें ACP विवेक भगत का नाम भी शामिल था। हालांकि, इसी दौरान उनके खिलाफ महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों की जांच चल रही थी। मामला सामने आने के बाद उनके अतिरिक्त कार्यभार को लेकर सवाल उठने लगे थे।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, विवेक भगत ने खुद अनुरोध किया कि महिला पत्रकारों से कथित उत्पीड़न के मामले की पूरी जांच होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक पहुंचने तक वह ADCP का करंट ड्यूटी चार्ज स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बाद सरकार ने 5 अक्टूबर के आदेश को संशोधित करने का फैसला किया और भगत को इस व्यवस्था से बाहर कर दिया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ADCP का करंट ड्यूटी चार्ज नियमित प्रमोशन नहीं था। यह एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था थी, जिसके तहत अधिकारियों को ऊंचे पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाता है, लेकिन इससे उन्हें अतिरिक्त वेतन या नियमित प्रमोशन से मिलने वाला कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता। साथ ही, ऐसे अधिकारी नियमित रूप से नियुक्त ADCP के वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
सरकार ने यह भी बताया कि इन 12 अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को शुरू हुई थी, यानी मौजूदा विवाद सामने आने से काफी पहले। आवश्यक मंजूरी के बाद 5 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया था। अब संशोधित आदेश में बाकी 11 अधिकारियों को ADCP का करंट ड्यूटी चार्ज दिया जाएगा, जबकि विवेक भगत को इससे अलग रखा गया है।
विवेक भगत के खिलाफ विवाद 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा था। तीन महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत करने वाली महिलाओं के बयान दर्ज किए गए हैं और उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। मामले की जांच में घटनास्थल की CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने ऐसे लोगों से भी वीडियो या अन्य सबूत साझा करने की अपील की है, जिनके पास प्रदर्शन के दौरान की कोई रिकॉर्डिंग मौजूद हो।
इस मामले को लेकर कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था। 5 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे करीब 17 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिनमें एक शिकायतकर्ता महिला पत्रकार भी शामिल थीं। पुलिस ने इसके लिए नई दिल्ली इलाके में लागू प्रतिबंधों का हवाला दिया था।
फिलहाल विवेक भगत के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले आरोपों को अंतिम रूप से साबित नहीं माना जा सकता। ADCP का करंट ड्यूटी चार्ज रोकने का फैसला इसी जांच के बीच लिया गया है। ऐसे में अब सबकी नजर क्राइम ब्रांच की जांच और उसके निष्कर्ष पर है।
