उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर शनिवार को अचानक “एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट” (Extremely Severe Alert) का संदेश पहुंचा, जिसके साथ तेज चेतावनी सायरन भी बजा। इस अलर्ट को देखकर कई लोग घबरा गए और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य लोगों को संभावित खतरनाक मौसम की स्थिति के प्रति सतर्क करना था।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक कई इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी भी दी गई। इसी वजह से मोबाइल नेटवर्क के जरिए इमरजेंसी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का उपयोग कर लोगों को तत्काल अलर्ट भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की चेतावनी का मकसद जान-माल के नुकसान को कम करना और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका देना है।
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार शाम मौसम ने तेजी से करवट बदली। कई इलाकों में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि राहत के साथ खतरा भी मौजूद है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। IMD ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में थे और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अचानक आंधी और बारिश की स्थिति बनी। मौसम विभाग ने जयपुर, झुंझुनूं, अलवर, कोटपूतली और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि तक की संभावना जताई है।
मोबाइल फोन पर पहुंचे इस अलर्ट ने कई लोगों को हैरान कर दिया। कुछ लोगों को लगा कि उनका फोन हैक हो गया है, जबकि कई लोग अचानक बजने वाले तेज सायरन से डर गए। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह भारत में लागू किए जा रहे नए आपदा चेतावनी तंत्र का हिस्सा है। इस तकनीक के जरिए किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपभोक्ताओं तक एक साथ चेतावनी पहुंचाई जा सकती है, चाहे उनका फोन साइलेंट मोड पर ही क्यों न हो।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में गर्मी और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव के कारण इस तरह की तीव्र मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। हाल के दिनों में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई बार आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
इस बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। अचानक मिले मोबाइल अलर्ट ने भले ही लोगों को चौंका दिया हो, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी तकनीकें प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
