IMD की ताजा भविष्यवाणी के मुताबिक पूर्वी भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भी आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 4 जून तक बारिश और गरज के साथ बौछारों का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिले हैं। जहां पिछले कई दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब कई जिलों में धूलभरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में डस्ट स्टॉर्म और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों क्षेत्रों में मौसम गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव प्री-मानसून सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है।
बिहार में हाल के दिनों में खराब मौसम के कारण कई दर्दनाक घटनाएं भी सामने आई हैं। बारिश और आंधी के दौरान बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने राज्य में फिर से बिजली गिरने और तेज गर्जना की आशंका जताई है, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस बीच मानसून की प्रगति पर भी सबकी नजर बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय है और धीरे-धीरे उत्तर तथा पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने इस वर्ष मानसून को लेकर एक अलग चिंता भी जताई है। कुछ रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि 2026 का मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और एल नीनो की स्थिति बारिश को प्रभावित कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो कृषि, जल संसाधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। फिर भी फिलहाल कई राज्यों में सक्रिय बारिश और प्री-मानसून गतिविधियों ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद दी है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली चमकने के समय खुले क्षेत्रों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। आने वाले कुछ दिन देश के कई राज्यों में मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं, क्योंकि मानसून की दस्तक और प्री-मानसून बारिश दोनों मिलकर मौसम का पूरा स्वरूप बदल सकती हैं।
