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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ओपिनियन पोल में ममता बनर्जी आगे, लेकिन भाजपा दे रही कड़ी टक्कर

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले आए एक बड़े ओपिनियन पोल ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है। Matrize-IANS द्वारा किए गए इस सर्वे में संकेत मिला है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर बढ़त बनाए हुए है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी कर सकती हैं। हालांकि सर्वे यह भी बताता है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनाव में मजबूत चुनौती पेश कर रही है और मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है।

ओपिनियन पोल के अनुसार 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस को लगभग 155 से 170 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े 148 से अधिक है। वहीं भाजपा और उसके सहयोगियों को 100 से 115 सीटों के बीच सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 5 से 7 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वोट शेयर की बात करें तो टीएमसी को लगभग 43-45 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा भी कई क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि भले ही टीएमसी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन भाजपा इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने बंगाल में अपना संगठन काफी मजबूत किया है और कई क्षेत्रों में उसका जनाधार बढ़ा है। यही वजह है कि सर्वे में मुकाबला एकतरफा नहीं बल्कि कड़ा बताया गया है। कई सीटों पर दोनों पार्टियों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है, जिससे चुनाव परिणाम काफी हद तक स्थानीय समीकरणों और उम्मीदवारों पर निर्भर रहेंगे।

दरअसल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 294 सीटों पर मतदान होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्य में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इन चुनावों में राज्य के करोड़ों मतदाता नई सरकार चुनेंगे और यह तय करेंगे कि ममता बनर्जी का शासन जारी रहेगा या भाजपा पहली बार राज्य में सत्ता हासिल करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक चुनाव से पहले आने वाले ओपिनियन पोल केवल रुझान दिखाते हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट से ही तय होगा। ऐसे में आगामी हफ्तों में राजनीतिक दलों की रैलियां, प्रचार अभियान और चुनावी रणनीतियां तेज होने की संभावना है। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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