
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। राज्य की 294 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है, जहां एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले ने चुनावी रणनीति पर असर डाला है और पार्टी को नए उम्मीदवार के चयन पर मजबूर कर दिया है।
चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन अलर्ट मोड में है। कोलकाता समेत कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और केंद्रीय बलों के साथ समन्वय कर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग ने साफ संकेत दिए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी, ताकि मतदाता बिना डर के वोट डाल सकें।
राजनीतिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनावी राज्य में ताबड़तोड़ रैलियों का ऐलान किया है। वह राज्य के कई जिलों में जनसभाएं कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी का फोकस खासतौर पर उत्तर और मध्य बंगाल के क्षेत्रों पर है, जहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee भी पूरी आक्रामकता के साथ चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं। उन्होंने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कहा कि “सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं”, जिससे दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बनाते हुए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र भी जारी किया है, जिसमें बेरोजगारों के लिए आर्थिक सहायता, महिलाओं के लिए योजनाएं और सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू करने जैसे बड़े वादे किए गए हैं। यह घोषणाएं सीधे तौर पर मतदाताओं को लुभाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद कड़ा होने वाला है। एक तरफ ममता बनर्जी अपनी सरकार की योजनाओं और मजबूत जनाधार के भरोसे मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा केंद्र सरकार की ताकत और बड़े वादों के साथ चुनौती दे रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखे बयान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि बंगाल की लड़ाई इस बार बेहद दिलचस्प और निर्णायक होने वाली है।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना के साथ चुनावी नतीजे सामने आएंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और तेज होने की पूरी संभावना है।



