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पश्चिम बंगाल में चुनावी तनाव के बीच बड़ी कार्रवाई, जहांगीर खान के करीबी सैदुल खान गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता इलाके में पंचायत समिति के वाइस प्रेसिडेंट और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सैदुल खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सैदुल खान को TMC नेता जहांगीर खान का करीबी माना जाता है, जिनका नाम हाल के विधानसभा चुनावों के दौरान काफी विवादों में रहा था। पुलिस का कहना है कि सैदुल खान पर हत्या की कोशिश और राजनीतिक हिंसा फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान होने वाला है और इलाके में पहले से ही राजनीतिक तनाव चरम पर है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार रात फालता थाने की टीम ने सैदुल खान के घर पर छापा मारा और पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि उनके खिलाफ लंबे समय से कई शिकायतें दर्ज थीं। इनमें राजनीतिक विरोधियों को धमकाने, हिंसा फैलाने और हत्या के प्रयास जैसे मामले शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने पूरे केस का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।

यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि सैदुल खान को TMC उम्मीदवार जहांगीर खान का बेहद करीबी माना जाता है। जहांगीर खान वही नेता हैं जिनका नाम चुनाव के दौरान IPS अधिकारी Ajay Pal Sharma को धमकी देने के विवाद में सामने आया था। चुनाव आयोग द्वारा तैनात पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा ने फालता क्षेत्र में छापेमारी और जांच के दौरान कथित तौर पर जहांगीर खान के समर्थकों को चेतावनी दी थी कि अगर मतदाताओं को धमकाने की शिकायतें जारी रहीं तो सख्त कार्रवाई होगी। उस दौरान वायरल हुए वीडियो ने बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।

फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान 21 मई को होना है। चुनाव आयोग ने पहले हुए मतदान में कथित गड़बड़ियों और हिंसा की शिकायतों के बाद यहां री-पोल कराने का फैसला लिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट अब बंगाल की सबसे संवेदनशील सीटों में बदल चुकी है। भाजपा और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि TMC समर्थक मतदाताओं को डराने और चुनाव प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बता रही है।

इधर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने भी हाल ही में जहांगीर खान को लेकर सख्त बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अब “पुष्पा” उनकी जिम्मेदारी है, जिसे राजनीतिक गलियारों में सीधे चेतावनी के तौर पर देखा गया। इससे पहले जहांगीर खान कुछ दिनों तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिसके बाद उनकी वापसी भी चर्चा का विषय बनी थी।

सैदुल खान की गिरफ्तारी के बाद फालता और डायमंड हार्बर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं ताकि किसी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति पैदा न हो। चुनाव आयोग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में फालता उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक सैदुल खान की गिरफ्तारी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बंगाल चुनाव के बाद भी राजनीतिक संघर्ष और प्रशासनिक सख्ती का दौर जारी रहने वाला है। अब सभी की नजर 21 मई को होने वाले री-पोल और उसके नतीजों पर टिकी है, जो राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकते हैं।

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