हाल ही में सोना और चांदी के बाजार में तेजी के बाद अचानक तेजी से गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता और असमंजस दोनों बढ़ गए हैं कि अब सोना खरीदना चाहिए या बेच देना बेहतर रहेगा। पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद गिर गए हैं, और इसकी वजहों को लेकर बाजार विशेषज्ञों ने कई कारणों की ओर इशारा किया है।
सबसे पहली वजह के रूप में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़ी अनिश्चितता को माना जा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गर्भ में केविन वार्श को नए प्रमुख के रूप में लाने की अटकलों ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर किया कि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो सकती हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और पारंपरिक सुरक्षित निवेश जैसे सोना-चांदी पर दबाव पड़ा।
दूसरी ओर, घरेलू सराफा बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट जारी रही थी, जिसमें एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में काफी कमी देखी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि सोने की कीमतें अपने उच्च स्तर से करीब 20 % तक नीचे आ चुकी हैं, जबकि चांदी लगभग 37 % गिर चुकी है। इस गिरावट को मुनाफा वसूली (profit booking) और बाजार की अत्यधिक तेजी के बाद की स्वाभाविक प्रतिक्रिया भी बताया जा रहा है।
मोटीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ विश्लेषक मानव मोदी जैसे एक्सपर्ट का कहना है कि फिलहाल सोना-चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी, और निवेशकों को तुरंत फैसले लेने की बजाय सतर्कता रखकर बाजार की दिशा देखने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि आने वाले समय में ये धातुएँ उतार-चढ़ाव जारी रख सकती हैं, इसलिए निवेशकों को अपनी रणनीति सोच-समझकर बनानी चाहिए।
वैश्विक संकेतों को देखें तो कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय में सोने की कीमतों में फिर उछाल आ सकता है। पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में भारी तेजी और रिकॉर्ड रेट बनने के कारण यह भविष्यवाणियाँ भी सामने आई हैं कि अगर वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और सुरक्षित निवेश की मांग बनी रहती है तो सोना फिर महंगा हो सकता है।
लेकिन कुछ विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि अगर आर्थिक संकेतक और बाजार के रुझान इन धातुओं के पक्ष में न रहें, तो कीमतों में और गिरावट भी संभव है। इसलिए फिलहाल बाजार में निवेश करने वाले लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाज़ी में निर्णय न लें, बल्कि अपने निवेश फैसलों में दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य और जोखिमों को ध्यान में रखें।
कुल मिलाकर, सोना और चांदी के दामों का भविष्य फिलहाल अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है, और विशेषज्ञ इसे बाजार की मौजूदा स्थितियों के अनुसार कठिन-कठिन परिदृश्यों की ओर इशारा करते हैं। निवेशक चाहे तो मौजूदा गिरावट को एक अवसर मानकर खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन यह भी संभव है कि कीमतें और नीचे भी जाएँ, इसलिए सतर्क रहना और बाजार के रुझान को लगातार मॉनिटर करना जरूरी है।
