देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल HDFC बैंक में नेतृत्व परिवर्तन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने पद छोड़ने का अनुरोध किया है। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वह 31 दिसंबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ बैंक की सेवाओं से अलग हो जाएंगे। उनका यह फैसला बैंक में तीन दशक से अधिक लंबे करियर के बाद आया है।
HDFC बैंक ने बताया कि भरूचा के अनुरोध को 16 अक्टूबर को हुई ग्रुप नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की बैठक और 17 अक्टूबर को हुई बोर्ड बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, उनके पद छोड़ने की प्रक्रिया को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। नियामकीय स्वीकृति मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी होगी।
भरूचा का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब बैंक के अगले मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO को लेकर फैसला हो चुका है। RBI ने ICICI समूह के अनुभवी अधिकारी अनूप बागची को HDFC बैंक का नया MD और CEO नियुक्त करने की मंजूरी दी है। बागची 27 अक्टूबर से यह जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। वह शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे, जिनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
कैजाद भरूचा भी बैंक के शीर्ष पद के दावेदारों में शामिल थे। बैंक ने MD और CEO के पद के लिए जिन नामों पर विचार किया था, उनमें उनका नाम भी था। हालांकि, RBI के नियमों के तहत प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी या पूर्णकालिक निदेशक के रूप में लगातार कार्यकाल की 15 साल की सीमा उनके लिए एक अहम नियामकीय पहलू थी। जून 2014 में पूर्णकालिक निदेशक बनने के बाद वह जून 2029 में इस सीमा तक पहुंचते।
भरूचा अक्टूबर 1995 में HDFC बैंक से जुड़े थे और उन्होंने अपने लंबे करियर में कॉरपोरेट बैंकिंग, क्रेडिट मैनेजमेंट और रिस्क मैनेजमेंट जैसे अहम क्षेत्रों में काम किया। वह बैंक के थोक बैंकिंग कारोबार सहित कई व्यावसायिक इकाइयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अप्रैल 2023 में उन्हें डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया था। बैंक के विकास और संस्थागत ढांचे में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।
बैंक ने भरूचा के योगदान की सराहना करते हुए विशेष रूप से उसके क्रेडिट ढांचे को विकसित करने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया है। HDFC बैंक के मुताबिक, मजबूत क्रेडिट आर्किटेक्चर उसकी प्रमुख संस्थागत ताकतों में से एक रहा है और भरूचा ने इसे तैयार करने तथा विकसित करने में अहम योगदान दिया। उनका जाना बैंक के वरिष्ठ नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा।
HDFC बैंक में यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है, जब बैंक अपनी नेतृत्व व्यवस्था को नए सिरे से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अनूप बागची के MD और CEO का पद संभालने तथा भरूचा के दिसंबर के अंत में बैंक से अलग होने के बाद वरिष्ठ प्रबंधन में बदलाव देखने को मिलेगा। बैंक के लिए अब नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखना और अपने कारोबार की रणनीति को आगे बढ़ाना अहम होगा।
