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वेनेजुएला के तेल पर मुकेश अंबानी की पिछली नीति में बदलाव? रिलायंस इंडस्ट्रीज कर सकता है भारी कच्चा तेल आयात पर फिर विचार

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मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) फिर से वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने पर गहन विचार कर रही है, जो पिछले साल से रोक दी गई थी। वैश्विक ऊर्जा बाजार में गतिरोध के बीच यह विषय निवेशकों और ऊर्जा विशेषज्ञों की निगाह में है। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका (US) ने वेनेजुएला से तेल आयात करने वाले देशों पर 25% टैरिफ (शुल्क) लागू किया था, जिसके कारण रिलायंस ने अपने वेनेजुएला तेल आयात को मार्च 2025 से रोक दिया और मई 2025 में अंतिम खेप प्राप्त की थी। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी नीतियों के अनुरूप रहकर ट्रेडिंग जोखिम को कम करना था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के दो प्रमुख रिफाइनरी परिसरों की संयुक्त क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रतिदिन है, जो भारी और सस्ते ग्रेड के कच्चे तेल को भी कुशलतापूर्वक प्रोसेस कर सकते हैं। इसमें वेनेजुएला का “मेरेय (Merey)” जैसे भारी क्रूड शामिल है, जो अक्सर ब्रेंट क्रूड से प्रति बैरल 5–8 डॉलर तक सस्ता मिलता है। यह क्षमता कंपनी को किफायती इनपुट देने के साथ मार्जिन बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।

हालाँकि, रिलायंस का झुकाव वेनेजुएला के तेल के आयात की ओर सीधे तौर पर नहीं हुआ है, बल्कि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह नॉन-अमेरिकी खरीदारों के लिए नियमों की स्पष्टता का इंतज़ार कर रही है। कंपनी का कहना है कि यदि वेनेजुएला के कच्चे तेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों को बेचने की अनुमति मिलती है, तो वह नियमों के अनुरूप खरीद पर विचार करेगी। यह बयान रॉयटर्स के ईमेल जवाब में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रवक्ता ने साझा किया था, जिससे पता चलता है कि कंपनी नियमों और मानदंडों का पूरा सम्मान करना चाहती है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि वेनेजुएला तेल फिर से वैश्विक आपूर्ति में शामिल होता है, तो यह भारी क्रूड उपलब्धता से रिफाइनिंग इकाइयों के लिए फीडस्टॉक विकल्प और आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है। भारत के तेल क्षेत्र में आईओसी, एचपीसीएल, नायर ऊर्जा (Nayara Energy) जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों ने भी अतीत में ऐसे विकल्पों पर अनुभव किया है।

रिलायंस के इस संभावित निर्णय से शेयर बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। पिछले दिनों कंपनी के शेयर में गिरावट आई है, जिनका आंशिक संबंध वेनेजुएला तेल से जुड़ी भू-राजनीतिक घटनाओं और निवेशकों की धारणा से जोड़ा जा रहा है।

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