पिछले महीने आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द करना पड़ा था। मामले की जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुईं और कथित परीक्षा माफिया के नेटवर्क की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और छात्रों की चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। इसके बाद NTA ने 21 जून को री-एग्जाम की तारीख घोषित की थी।
इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। कई राज्यों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि कई स्थानों पर 5G जैमर, CCTV निगरानी और नो-एंट्री जोन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राजस्थान सहित कई राज्यों में प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा के बीच एयरफोर्स की मदद से पहुंचाया गया है।
परीक्षा से पहले NTA ने देशभर में मॉक ड्रिल भी आयोजित की, ताकि सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की जांच की जा सके। एजेंसी ने अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं और उन्हें समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़े कई दावे भी सामने आए, लेकिन NTA ने उन्हें फर्जी और भ्रामक करार दिया। एजेंसी का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह छात्रों की चिंता का फायदा उठाकर नकली प्रश्नपत्र बेचने और अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कारण NTA ने शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष पोर्टल शुरू किया और छात्रों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी।
री-एग्जाम से पहले सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी रखी। परीक्षा से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र साझा किए जाने की आशंका के चलते टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कुछ तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। एक अभ्यर्थी को नागपुर की जगह अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने का मामला सुर्खियों में रहा, जिससे NTA की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। इसके बावजूद एजेंसी का दावा है कि अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी।
देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले डेढ़ महीने से जारी अनिश्चितता, विवाद और तनाव के बाद छात्र अब परीक्षा देकर अपने भविष्य की दिशा तय करने की उम्मीद कर रहे हैं। सरकार और NTA के सामने भी यह परीक्षा केवल एक एंट्रेंस टेस्ट नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर जनता के भरोसे को बहाल करने की बड़ी परीक्षा बन गई है।
