देशभर में बेरोजगारी व छंटनी की खबरों के बीच, Tata Electronics ने एक बड़ी सकारात्मक पहल की है। कंपनी ने घोषणा की है कि तमिलनाडु के होसुर प्लांट में अगले छह महीने में लगभग 15,000 नए कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। इससे प्लांट में कुल स्टाफ़ की संख्या वर्तमान 60,000 से बढ़कर करीब 75,000 हो जाएगी।
इस भर्ती अभियान के पीछे मुख्य कारण है — Apple की भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग मांग। Tata Electronics, Apple के लिए कई पार्ट्स और असेंबली का काम करती है; और बढ़ते ऑर्डर को पूरा करने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत बन चुकी थी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम सिर्फ Tata Electronics के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा संकेत है — यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में अहम स्थान बना रहा है।
हालाँकि, इतनी बड़ी भर्ती चुनौती–भरी भी है। कंपनी ने खुद माना है कि तेज़ विस्तार के बावजूद “कुशल वर्कफोर्स” (skilled manpower) की कमी एक बड़ी बाधा है। नए कर्मचारियों के प्रशिक्षण, पानी-पारितंत्र (water, electricity), लॉजिस्टिक व अन्य संसाधनों की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा।
कुल मिलाकर — जहाँ कई उद्योगों में नौकरी कटौती हो रही है — वहाँ Tata Group का यह फैसला रोजगार के नए अवसर लाया है। खास तौर पर तमिलनाडु जैसे मैन्युफैक्चरिंग-हब के लिए यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और कामगारों के लिए राहत की खबर है।
