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बजट सत्र में संसद में हंगामा तेज़

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संसद के 2026 के बजट सत्र के दौरान आज लोकसभा और राज्यसभा में गतिरोध और राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया, जिससे बजट पर महत्वपूर्ण चर्चा बाधित हो गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण टालना पड़ा। संसद के दोनों सदनों में यह सत्र 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में कई नई योजनाओं और सामाजिक क्षेत्रों को शामिल करने के बावजूद राजनीतिक बहस विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच गंभीर मौजूदा मुद्दों पर केंद्रीकृत बनी रही।

आज संसद में मुख्य विवाद भाजपा और कांग्रेस के बीच उस वक्त भड़क उठा जब कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के एक अनपब्लिश्ड मेमोयर का उल्लेख करते हुए चीन सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि 2020 के गलवान संघर्ष और भारत-चीन सीमा घटना पर पारदर्शिता नहीं दिखाई गई। इससे सदन में तीव्र लोकतांत्रिक बहस और आरोप–प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ, जिसके कारण सदन में हंगामा पैदा हो गया और बजट सत्र की कार्यवाही बाधित रही।

विपक्ष के ताजा बयानों के बीच, सदन में राहुल गांधी को बोलने से रोका गया, और बाद में विपक्षी सांसदों व कांग्रेस के कई नेताओं ने संसद से वॉक आउट किया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी को अपना अभिभाषण देने नहीं दे रहा, जिससे महत्वपूर्ण बजट चर्चा बाधित हो रही है। विपक्षी नेता प्रियंका गांधी ने भी कहा कि राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि भाजपा सांसदों को दो, तीन प्रकाशित किताबें पेश करने की अनुमति दी जा रही है।

इतना ही नहीं, आज बजट सत्र के एक और गंभीर मोड़ पर, 8 कांग्रेस सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उनके हंगामे के कारण कार्यवाही काफी देर तक बाधित रही। विपक्षी गुट ने इसे लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने का प्रयास बताया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि असभ्य व्यवहार संसद की गरिमा के खिलाफ था और नियमों का उल्लंघन किया गया।

हंगामे की वजह से बुधवार को तय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाला सत्र भी रद्द कर दिया गया, तथा कार्यवाही को अगले दिन तक स्थगित कर दिया गया। भाजपा सांसदों ने कहा कि कांग्रेस लोग देश की बड़ी उपलब्धियों पर राजनीति कर रहे हैं और पीएम का भाषण टलवाकर सत्र में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।

विपक्षी दलों का कहना है कि बजट पर बहस में बेरोज़गारी, ग्रामीण विकास, कृषि संकट और अन्य सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन सत्तापक्ष यह असंतोष मानता है कि विपक्ष अन्य विषयों पर राजनीति करने की कोशिश में संसद की कार्यवाही रोक रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के बजट सत्र ने संसद के द्विपक्षीय टकराव को उजागर किया है, जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा, चीनी सीमा, विपक्ष की आलोचना और बजट पर बहस एक साथ मिलकर चलते रहे। इससे यह सत्र विपक्ष तथा सत्तापक्ष दोनों के लिए राजनीतिक मंच और चुनौती दोनों बनकर उभरा है।

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