अभिनेत्री श्रुति हासन ने 40 साल की उम्र में मां बनने की इच्छा को लेकर खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने बताया कि वह भविष्य में मां बनना चाहती हैं और इसके लिए उनके सामने कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बच्चे को गोद लेने के लिए तैयार हैं। श्रुति ने यह बातें सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में बातचीत के दौरान साझा कीं।
श्रुति हासन ने बताया कि उन्हें किशोरावस्था से ही PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के बारे में बताया जाता रहा था और उन्हें कहा जाता था कि इसकी वजह से गर्भधारण करना मुश्किल हो सकता है। एक्ट्रेस के मुताबिक, 14 साल की उम्र से ही उन्हें यह सुनने को मिलता रहा कि उनके लिए कंसीव करना आसान नहीं होगा। इन बातों की वजह से उनके मन में मां बनने को लेकर डर भी बैठ गया था और वह इस विषय पर डॉक्टर से बात करने से भी बचती थीं।
एक्ट्रेस ने बताया कि बाद में जब उन्होंने अपनी गाइनकोलॉजिस्ट से इस बारे में बातचीत की तो उनका नजरिया काफी बदला। डॉक्टर ने उन्हें उम्र या तथाकथित ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ को लेकर डराने के बजाय मां बनने के अलग-अलग विकल्पों के बारे में समझाया। डॉक्टर ने एग फ्रीजिंग जैसे विकल्प के बारे में भी बताया। श्रुति ने कहा कि एग फ्रीजिंग आसान प्रक्रिया नहीं है और यह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तौर पर थकाने वाली हो सकती है, लेकिन डॉक्टर से बातचीत ने उन्हें यह समझने में मदद की कि उनके सामने विकल्प मौजूद हैं।
मां बनने के विकल्पों पर बात करते हुए श्रुति ने कहा कि वह बच्चे को गोद लेने के लिए भी तैयार हैं। उनका कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा मां बनने की है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह जैविक रूप से मां बनने की संभावना को भी आजमाना चाहेंगी। श्रुति के मुताबिक, डॉक्टर के साथ हुई बातचीत उनके लिए काफी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इससे उन्हें पहले से बनी हुई आशंकाओं से बाहर निकलने और भविष्य के विकल्पों को समझने में मदद मिली।
श्रुति ने बातचीत के दौरान अपने दर्दनाक पीरियड्स के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 13 साल की उम्र में जब उन्हें पहली बार पीरियड्स आए, तभी से उन्हें काफी तेज दर्द का सामना करना पड़ा। एक्ट्रेस के मुताबिक, कई बार दर्द इतना ज्यादा होता था कि उन्हें स्कूल से अस्पताल ले जाना पड़ता था और उन्हें IV फ्लूड्स तथा दर्द की दवाएं दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि 2020 में उनकी गाइनकोलॉजिस्ट ने एक अलग तरह की ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल की सलाह दी, जिससे उनके दर्द में करीब 60 प्रतिशत तक कमी आई।
एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि लंबे समय तक उन्हें अपने पीरियड्स और उससे जुड़ी परेशानियों के बारे में काम की जगह पर बात करने में झिझक महसूस होती थी। बाद में उन्होंने महसूस किया कि अपनी परेशानी के बारे में खुलकर बताने से आसपास के लोग स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और काम को उसी हिसाब से व्यवस्थित किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं के लिए पीरियड लीव जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी और कहा कि इस तरह की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को लेकर ज्यादा समझ और संवेदनशीलता होनी चाहिए।
श्रुति हासन ने मां बनने को लेकर अपनी सोच बताते हुए यह भी कहा कि उम्र बढ़ने के साथ इस विषय पर बातचीत करना उनके लिए भावनात्मक रूप से आसान नहीं था। उन्हें डर था कि डॉक्टर उन्हें यह कह सकती हैं कि वह कंसीव नहीं कर पाएंगी। लेकिन डॉक्टर ने उनके सामने अलग-अलग विकल्प रखे, जिससे उनका डर कम हुआ। एक्ट्रेस ने बताया कि अब वह इस विषय को केवल डर के नजरिए से नहीं देखतीं, बल्कि उपलब्ध विकल्पों को समझकर भविष्य के बारे में फैसला लेना चाहती हैं।
श्रुति हासन की यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब फिल्म इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियां फर्टिलिटी, एग फ्रीजिंग, मातृत्व और महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सार्वजनिक रूप से बात कर रही हैं। श्रुति ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को अपनी फर्टिलिटी और मातृत्व से जुड़े फैसलों के बारे में सही जानकारी और सभी उपलब्ध विकल्पों को समझने का अवसर मिलना चाहिए।
