देश में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जल्द ही पुराने Aadhaar मोबाइल ऐप को बंद करने की तैयारी कर रहा है और उसकी जगह एक नया और अधिक आधुनिक एप्लिकेशन लाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि नया ऐप पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, तेज और यूजर फ्रेंडली होगा। इसके जरिए आधार से जुड़े कई काम बिना फिजिकल कार्ड दिखाए और बिना फोटोकॉपी दिए ही पूरे किए जा सकेंगे। इस बदलाव को भारत के डिजिटल पहचान सिस्टम में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
UIDAI द्वारा तैयार किया गया नया Aadhaar ऐप डिजिटल वेरिफिकेशन को पूरी तरह बदलने की दिशा में काम करेगा। अब तक होटल चेक-इन, एयरपोर्ट एंट्री, बैंकिंग सेवाओं या अन्य पहचान संबंधी प्रक्रियाओं के लिए लोगों को आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करनी पड़ती थी। कई बार इससे डेटा लीक और निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका भी बनी रहती थी। लेकिन नए ऐप में QR कोड आधारित और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार केवल सीमित जानकारी ही साझा कर सकेंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नया Aadhaar ऐप डिजिटल पहचान को UPI जैसी सरल प्रक्रिया के जरिए साझा करने की सुविधा देगा। किसी संस्था या एजेंसी को यदि पहचान सत्यापित करनी होगी तो उपयोगकर्ता ऐप के माध्यम से अनुमति देकर अपना वेरिफिकेशन पूरा कर सकेगा। इससे आधार नंबर, पता या अन्य संवेदनशील जानकारी बार-बार साझा करने की जरूरत कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी दोनों मजबूत होंगी।
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत फेस ऑथेंटिकेशन फीचर को माना जा रहा है। उपयोगकर्ता अपने चेहरे के जरिए पहचान सत्यापित कर सकेंगे, जिससे फर्जी दस्तावेजों और पहचान की चोरी के मामलों पर भी अंकुश लग सकता है। UIDAI का कहना है कि यह तकनीक पहले से मौजूद आधार डेटाबेस के साथ सुरक्षित तरीके से काम करेगी और उपयोगकर्ता की सहमति के बिना कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी।
सरकार डिजिटल इंडिया अभियान के तहत लगातार सेवाओं को पेपरलेस और अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत नया Aadhaar ऐप तैयार किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में होटल, ट्रैवल, बैंकिंग, टेलीकॉम और अन्य कई सेक्टर इस नई व्यवस्था को अपनाएंगे। इससे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को लंबी कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
हालांकि UIDAI ने अभी पुराने Aadhaar ऐप को बंद करने की सटीक तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में सभी सेवाएं नए एप्लिकेशन के जरिए संचालित होंगी। ऐसे में उपयोगकर्ताओं को समय रहते नया ऐप डाउनलोड और अपडेट करने की सलाह दी जा सकती है। माना जा रहा है कि पुराने ऐप की कई सेवाएं धीरे-धीरे नए प्लेटफॉर्म में स्थानांतरित कर दी जाएंगी।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल एक ऐप अपग्रेड नहीं बल्कि भारत के डिजिटल पहचान तंत्र में बड़ा सुधार है। इससे आधार आधारित सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर नियंत्रण होगा और उपयोगकर्ताओं को अपनी निजी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल करोड़ों आधार धारकों की नजर UIDAI की अगली घोषणा पर टिकी हुई है। जैसे-जैसे नया ऐप व्यापक स्तर पर लागू होगा, वैसे-वैसे आधार से जुड़े रोजमर्रा के काम पहले की तुलना में अधिक आसान, सुरक्षित और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
