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अजित पवार की मौत पर फिर आमने-सामने परिवार! सुप्रिया सुले बोलीं- ‘भाई चला गया, ये सत्ता का मजा ले रहे’, सुनेत्रा ने दिया करारा जवाब

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर अजित पवार की मौत को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उनकी विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी न करने की अपील की है। उनका यह बयान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने हादसे की जांच और FIR को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि “हमारा भाई चला गया और ये सत्ता का मजा ले रहे हैं।”

अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास विमान हादसे में मौत हो गई थी। उनके साथ विमान में सवार 4 अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। हादसे के बाद से ही विमान दुर्घटना की जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। सुले ने सरकार और अजित पवार गुट की भूमिका पर सवाल उठाए, जबकि सुनेत्रा पवार ने जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

सुनेत्रा पवार ने कहा कि अजित दादा के निधन से महाराष्ट्र में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसकी गहराई को उनकी मां, बच्चों और पत्नी से बेहतर कौन समझ सकता है। उन्होंने नेताओं से अपील की कि इस त्रासदी को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। सुनेत्रा के मुताबिक परिवार इस मामले में ठोस नतीजा चाहता है और इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विधानसभा में इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

सुनेत्रा ने जांच की गति को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और उन्हें कानून, संविधान तथा जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। उनके मुताबिक बार-बार मीडिया के सामने आकर बयान देना जांच में प्रगति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं इस मामले में लगातार मीडिया ट्रायल तो नहीं चल रहा है। सुनेत्रा का कहना था कि जांच एजेंसियों को अपना काम पूरा करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।

दरअसल, सुप्रिया सुले ने इससे पहले अजित पवार की मौत को लेकर जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि आखिर इस मामले में अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं हुई। सुले ने तुलना करते हुए कहा कि एक तस्वीर हटाने के मामले में FIR दर्ज हो जाती है, लेकिन एक बड़े विमान हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री की मौत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने अजित पवार गुट के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

सुप्रिया सुले ने कहा था कि अजित पवार का परिवार अपने एक महत्वपूर्ण सदस्य को खो चुका है, लेकिन सरकार में शामिल अजित पवार गुट के विधायकों और मंत्रियों की ओर से FIR या विस्तृत जांच की मांग क्यों नहीं की गई। इसी दौरान उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा, “हमारा भाई चला गया और ये सत्ता का मजा ले रहे हैं।” इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे ने फिर जोर पकड़ लिया।

अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर इससे पहले उनके बेटे जय पवार और परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से भी सवाल उठाए गए थे। सुनेत्रा पवार ने मामले में CBI जांच की मांग की थी। वहीं NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने भी दुर्घटना को लेकर साजिश की आशंका जताते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से यह कहा गया था कि केंद्रीय जांच एजेंसी की औपचारिक जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB की अंतिम रिपोर्ट जरूरी होगी। इसके साथ ही राज्य की Crime Investigation Department भी समानांतर जांच कर रही है। ऐसे में दुर्घटना की जांच को लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रक्रिया जारी है।

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में दुर्घटना के समय कम दृश्यता और अनियंत्रित एयरफील्ड से जुड़ी कुछ सुरक्षा खामियों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार लैंडिंग के समय दृश्यता करीब 3 किलोमीटर थी, जबकि Visual Flight Rules के तहत निर्धारित न्यूनतम दृश्यता 5 किलोमीटर बताई गई थी। हालांकि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक हादसे के सभी कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

अजित पवार जिस Learjet 45XR विमान में सवार थे, वह VSR Ventures Pvt Ltd द्वारा संचालित था। विमान रनवे 11 पर उतरने की कोशिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हादसे में विमान में मौजूद सभी 5 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही विमान की लैंडिंग परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों और दुर्घटना के कारणों को लेकर जांच चल रही है।

इस पूरे विवाद में सबसे अहम बात यह है कि एक ही परिवार के दो पक्ष अब इस हादसे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक रुख अपना रहे हैं। सुप्रिया सुले जांच में तेजी और FIR की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रही हैं, जबकि सुनेत्रा पवार जांच एजेंसियों पर भरोसा रखने और उन्हें समय देने की बात कर रही हैं। दोनों के बयानों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।

फिलहाल अजित पवार की विमान दुर्घटना की जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। परिवार ठोस जवाब चाहता है और राजनीतिक दल अपनी-अपनी मांगों के साथ सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि 28 जनवरी को हुए इस विमान हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

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