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प्रसाद में बाथरूम क्लीनिंग केमिकल वाले घी के इस्तेमाल का दावा किया

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने शुक्रवार 6 फरवरी, 2026 को तिरुपति के प्रसाद-लड्डू (Tirupati laddus) में इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर गंभीर आरोप लगाया है। नायडू ने पूर्व YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के शासनकाल के दौरान लड्डू बनाने के लिए जो घी उपयोग किया गया था, वह बाथरूम साफ करने के रसायनों (bathroom-cleaning chemicals) से मिलकर बनाया गया था — यानी उन्होंने कहा कि वह घी शुद्ध नहीं था और उसमें ऐसे रसायन मिले थे जैसा कि बाथरूम क्लीनर में उपयोग होता है। उन्होंने यह दावा कुरनूल जिले के कालुगोटला (Kalugotla, Kurnool District) में एक सार्वजनिक बैठक में किया, जहाँ वह किसानों को दस्तावेज बांटने के कार्यक्रम में मौजूद थे।

चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि यह घी-मिलावट लगभग पांच सालों तक चली, और इससे न सिर्फ प्रसाद की गुणवत्ता प्रभावित हुई, बल्कि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (Sri Venkateswara Swamy Temple) के धार्मिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची। उन्होंने कहा कि यह एक “भगवान के खिलाफ सबसे बड़ा पाप (greatest sin against God)” है, क्योंकि प्रसाद को सकारात्मक, पवित्र और भक्तों की आस्था का प्रतीक माना जाता है। नायडू ने यह भी कहा कि इसी मिला-जुला घी स्रीसैलम मंदिर (Srisailam Temple) के प्रसाद में भी सप्लाई किया गया था।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी बीते YSRCP शासन और सीबीआई-एसआईटी की जांच को लेकर जारी विवाद के बीच की है। उन्होंने कहा कि YSRCP नेताओं द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन (CBI) और विशेष जांच दल (SIT) ने उस समय की व्यवस्थाओं को “क्लीन चिट” दे दी थी, लेकिन नायडू ने इसे खारिज किया और कहा कि पूर्व TTD (Tirumala Tirupati Devasthanams) के अध्यक्ष वाई.वी. सुब्बा रेड्डी (Y.V. Subba Reddy) ने पहले स्वीकार किया था कि मिलावट हुई थी।

इन आरोपों पर YSRCP ने पूरी तरह से खंडन किया है, कहा है कि मामले में एसआईटी रिपोर्ट ने क्लीन चिट दी है और ऐसे दावों को “ध्यान भटकाने वाला हथकंडा” बताया है। YSRCP नेताओं ने आरोप लगाया है कि नायडू राजनीति में धार्मिक भावना को मिश्रित कर रहे हैं और यह आरोप गलत सूचना फैलाने की कोशिश है।

यह विवाद food safety, धार्मिक आस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मिलाजुला मुद्दा बन चुका है, और अब इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बहस और जांच जारी है।

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