
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उन टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद किया है, जिसमें गांधी ने कर्नाटक में स्थापित फॉक्सकॉन की नई iPhone निर्माण इकाई द्वारा तेज़ी से रोजगार सृजन को “ट्रांसफॉर्मेटिव” कहा था और इसे ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का एक उदाहरण बताया था। इस पर वैष्णव ने ट्विटर (X) पर पोस्ट कर कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता को स्वीकारने के लिए वह उनका आभारी हैं। उन्होंने कहा कि PM मोदी के विज़न के अनुसार भारत एक उत्पादक अर्थव्यवस्था (producer economy) की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कर्नाटक के डेवनहಳ್ಳಿ में स्थित फॉक्सकॉन iPhone असेंबली फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल 8–9 महीनों में लगभग 30,000 लोगों को रोजगार दिया गया, जो भारत में अब तक की सबसे तेज़ फैक्ट्री विस्तार प्रक्रिया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि इस इकाई में लगभग 80 प्रतिशत कर्मियों का हिस्सा महिलाएँ हैं, जिनमें से अधिकांश 19 से 24 वर्ष की उम्र की युवा महिलाएँ हैं और कई के लिए यह पहली नौकरी है। राहुल गांधी ने इसे ऐसे रोजगार का उदाहरण बताया जो न केवल संख्या में बल्कि गुणवत्ता और अवसरों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
इस उत्तर के बाद अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सराहना ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता की पुष्टि करती है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (manufacturing hub) बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जैसे राहुल गांधी ने संकेत किया है, भारत अब एक प्रोड्यूसर अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है, और यह बदलाव केंद्र सरकार की नीतियों और निवेश के कारण संभव हुआ है।
फॉक्सकॉन की यह इकाई अब iPhone 17 Pro Max जैसे मॉडल का उत्पादन कर रही है, और इसका अधिकांश उत्पादन निर्यात (export) के लिए किया जा रहा है। इस फैसिलिटी का विस्तार न केवल भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बना रहा है, बल्कि युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोल रहा है। वर्तमान में फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मियों की संख्या बढ़कर 30,000 के करीब पहुँच गयी है, और उत्पादन क्षमता बढ़ने पर यहां लगभग 50,000 कर्मचारियों के काम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष रूप से इस फ़ैक्ट्री में महिला कर्मचारियों के लिए हॉस्टल और कार्य-सुविधाएँ भी विकसित की जा रही हैं, जिसमें कुछ हॉस्टल पहले से चालू हैं और बाकी निर्माणाधीन हैं। यह पहल महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है।
राजनीतिक एवं आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना केवल एक रोजगार रिपोर्ट से आगे बढ़कर राष्ट्रीय नीतिगत सफलता का प्रतीक बन गयी है। जहां एक ओर कांग्रेस नेता ने इस विकास की सराहना की, वहीं केंद्र सरकार के मंत्री ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ की प्रभावशीलता का राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समर्थन बताया है। यह बात दर्शाती है कि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन जैसे विषय राजनीति के दायरों से परे जाकर देश के युवाओं और अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न कर रहे हैं।
इस प्रकार, फॉक्सकॉन की तेजी से बढ़ती निर्माण इकाई और उससे जुड़े रोजगार के आंकड़े मेक इन इंडिया कार्यक्रम की वास्तविक सफलता के उदाहरणों में गिने जा रहे हैं, और इस पर विपक्ष नेता की प्रशंसा तथा सरकार के मंत्री का आभार दोनों ही इस पहल की व्यापक मान्यता को दर्शाते हैं।



