एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारत ने शानदार शुरुआत की है। बुधवार 30 सितंबर को भारत ने तीरंदाजी में लगातार दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पहले चिकिता तनीपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की मिश्रित कंपाउंड टीम ने दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण दिलाया। इन पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या 54 हो गई है।
महिला कंपाउंड टीम के फाइनल में भारत ने चीन को 238-234 से हराया। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में दबाव बनाए रखा और जीत के साथ इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्कोर के साथ भारतीय टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का सातवां स्वर्ण पदक था और तीरंदाजी में प्रतियोगिता का पहला गोल्ड भी यहीं से आया।
इसके कुछ ही देर बाद मिश्रित कंपाउंड टीम इवेंट में चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबला खेला। निर्धारित चार एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर रहा, जिसके बाद शूट-ऑफ से विजेता का फैसला हुआ। शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने 20-19 से बाजी मारकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम इवेंट के लिए कोटा भी मिला।
इन दो स्वर्ण पदकों के बाद भारत के खाते में अब कुल 54 पदक हो गए हैं, जिनमें 8 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने अब तक 14 अलग-अलग खेलों में पदक जीते हैं। एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे अधिक पदक देने वाला खेल रहा है, जबकि शूटिंग ने भी बड़ी संख्या में पदक दिलाए हैं।
दिन की शुरुआत भारत के लिए स्क्वैश में भी अच्छी रही। महिला टीम स्पर्धा में भारत ने सिंगापुर को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और इस जीत के साथ पदक पक्का कर लिया। अनाहत सिंह ने अपने मुकाबले में वाई यान को 3-0 से हराया। भारतीय टीम अब सेमीफाइनल में खेलेगी, जहां उसके पास पदक का रंग बदलने का मौका होगा।
कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दिन की शुरुआत की। ग्रीको-रोमन 87 किलोग्राम वर्ग में सुनील कुमार ने शुरुआती मुकाबले में मुहम्मद सुल्तानजादा को 9-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताइजो योशिदा के खिलाफ 11-0 से हार का सामना करना पड़ा। अब सुनील कुमार के पास रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक की दौड़ में बने रहने का मौका है।
जूडो में अस्मिता डे ने भी जीत के साथ अभियान शुरू किया। उन्होंने वियतनाम की हा नगोक ची को इप्पोन से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन अगले मुकाबले में कजाकिस्तान की अबीबा अबू झाकीनोवा से हार गईं। इसके बाद वह रेपेचेज में उतरेंगी, जहां से कांस्य पदक की उम्मीद बनी हुई है।
बॉक्सिंग में भी भारत की नजरें पदकों पर हैं। प्रिय घंघास, लवलीना बोरगोहेन और कपिल पोखरिया अपने-अपने वर्गों में सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए उतरने वाले हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने पहले ही कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब सेमीफाइनल में जीत उन्हें फाइनल तक पहुंचा सकती है।
महिला हॉकी टीम भी 30 सितंबर को दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेगी। इस मुकाबले का नतीजा भारत के पदक अभियान के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा शूटिंग, साइकिलिंग, तीरंदाजी, कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मुकाबले में हैं। यानी दिन खत्म होने तक भारत की पदक संख्या में और इजाफा होने की संभावना वाले कई मुकाबले बाकी हैं।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक अलग-अलग खेलों में लगातार पदक हासिल किए हैं। 29 सितंबर को भी भारतीय खिलाड़ियों ने आठ पदक जीते थे, जिनमें दो स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य शामिल थे। इसके बाद 30 सितंबर को तीरंदाजी के दो स्वर्ण ने भारतीय अभियान को और मजबूत किया है। एशियन गेम्स का आयोजन 4 अक्टूबर तक Aichi-Nagoya में जारी रहेगा और आने वाले दिनों में भारत के कई प्रमुख खिलाड़ियों के मुकाबले बाकी हैं।
