असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आखिरकार सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत और राजनीतिक खींचतान के बाद यह सहमति बनी कि राज्य की कुल 126 विधानसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद (AGP) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 11 सीटें दी गई हैं।
इस सीट शेयरिंग फॉर्मूले के साथ NDA ने चुनावी मैदान में अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। खास बात यह है कि इस बार गठबंधन में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है। बोडोलैंड क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलते हुए BPF की दोबारा NDA में वापसी हुई है, जबकि पहले सहयोगी रही UPPL गठबंधन से अलग हो गई। इस बदलाव को बीजेपी की रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जिससे बोडोलैंड क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA इस बार लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। सीटों का यह बंटवारा इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि हर सहयोगी पार्टी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में मजबूती से चुनाव लड़ सके। BJP जहां राज्यभर में व्यापक स्तर पर चुनाव लड़ेगी, वहीं AGP और BPF को उनके मजबूत क्षेत्रों में अवसर दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट बंटवारा NDA के भीतर संतुलन बनाए रखने और वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन भी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटा है, जिससे चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की संभावना है।
असम में चुनाव एक ही चरण में होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियां तेजी से अपने उम्मीदवारों की घोषणा और प्रचार अभियान को अंतिम रूप दे रही हैं। NDA का यह तय फॉर्मूला आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
