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असम के कोकराझार में हिंसा भड़क उठी

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असम के कोकराझार जिले (Kokrajhar) में मंगलवार को हिंसक घटनाएं भड़क उठीं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई और प्रशासन को रेपिड एक्शन फ़ोर्स (RAF) सहित अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने तथा इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने जैसे कड़े कदम उठाने पड़े।

हिंसा की शुरुआत सोमवार रात हुई जब कोकराझार जिले के करिगांव (Karigaon) इलाके में बने मानसिंग रोड (Mansingh Road) पर एक गाड़ी, जिसमें बोडो समुदाय के तीन लोग सवार थे, दो आदिवासी (Adivasi) व्यक्तियों को ठोकर मारती दिखी। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गाड़ी में सवार लोगों पर हमला बोल दिया — गाड़ी को आग लगाई गई और उसके यात्रियों पर भी भीड़ ने हमला किया। इस झड़प में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं, जिन्हें नज़दीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है

हिंसा अगले दिन और बढ़ गई जब दोनों समुदायों के लोग राष्ट्रीय हाईवे को ब्लॉक कर टायर जलाने लगे, कुछ घरों और एक सरकारी इमारत में आग लगा दी गई, तथा करिगांव पुलिस चौकी पर भी हमला किया गया। प्रशासन को हालात को नियंत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे स्थिति बिगड़ते हुए सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा महसूस हुआ।

इन घटनाओं को देखते हुए असम सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है ताकि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफ़वाहें और उकसावे वाली सामग्री को रोका जा सके। इंटरनेट बंदी के दौरान आवाज़ कॉल और फ़िक्स्ड-लाइन ब्रॉडबैंड सेवाएँ चालू रहेंगी, लेकिन इंटरनेट तथा मोबाइल डेटा सेवाएँ तब तक निलंबित रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हो जाती।

राज्य के मुख्य सचिव (होम) द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया है कि इंटरनेट सेवाओं को रोकने का उद्देश्य “सामाजिक मीडिया और इंटरनेट के ज़रिये फैलने वाली उत्तेजक संदेशों और अफ़वाहों को रोकना” है, जिससे हिंसा और उग्र न हो जाये। इसी के तहत कोकराझार तथा पड़ोसी चिरांग जिलों में सेवायें निलंबित रखी गई हैं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है और RAF को भी घटना स्थल पर भेजा गया है, जिससे कानून-व्यवस्था को बहाल करने तथा और अधिक हिंसा को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। असम पुलिस ने जनता से अपील की है कि लोग प्रचारित अफ़वाहों से बचें, शांति बनाए रखें, और किसी भी उकसावे में न फँसे।

उधर, स्थानीय नेताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है, जिसे प्रशासन के पैमाने पर समर्थन मिला है ताकि इलाके में सामान्य जीवन जल्द से जल्द बहाल हो सके।

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