मथुरा (वृंदावन) स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रबंधन की हाई-पावर समिति ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है: मंदिर परिसर के गणेश मंदिर का ताला तुरंत खोला जाए। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार और अन्य सदस्यों ने मंदिर में निरीक्षण के बाद यह फैसला लिया है।
दरअसल, समिति ने पहले सेवायतों (मंदिर के कर्मचारियों / पुजारी-समुदाय) से विस्तृत जानकारी इकट्ठा की। कुछ सेवायतों ने बताया था कि गणेश मंदिर पर ताला इसलिए लगाया गया था क्योंकि वहाँ अतिक्रमण हो रहा था और भक्तों के दर्शन में बाधा आती थी। समिति ने इस दावे की गंभीरता से जांच की और अतिक्रमण की बात को खारिज कर दिया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि गणेश मंदिर फिर से खुला रहेगा और पूजा-अर्चना पहले की तरह जारी रहेगी।
इसके साथ ही, मंदिर के तोषखाने (खजाना कक्ष) में नया दरवाजा लगाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि पूजा-स्थलों का बेहतर प्रबंधन हो सके और समुदाय के सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
यह फैसला मंदिर की आस्था और परंपरा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले समय में कुछ सेवायतों और मंदिर प्रबंधन के बीच गणेश मंदिर को बंद करने को लेकर तनाव पैदा हो गया था, जिसे समिति ने इस कदम से शांत करने की कोशिश की है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस कदम से मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भक्तों को उनकी प्राचीन पूजा स्थल पर पुनः भरोसा मिलेगा। यह मंदिर प्रबंधन में संवैधानिक व सांस्कृतिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन का उदाहरण हो सकता है।
