महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए दुखद विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर की भी मौत हो गई। इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है, लेकिन खासकर सुमित के दोस्त और सहयोगी उनकी मौत पर अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
दोस्तों ने बताया कि कैप्टन सुमित कपूर, जिनका अनुभव लगभग 16,500 घंटे से अधिक उड़ान भरने का था, वे बेहद प्रिय, मौज़-मस्ती से भरपूर और जिंदादिल इंसान थे। उन्होंने कहा कि सुमित अपने काम से इतना प्यार करते थे कि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण हादसा उनके साथ होगा।
अच्छी बात यह थी कि शुरुआत में विमान को उड़ाने वाले मूल पायलट ट्रैफिक जाम में फँसे होने के कारण सुमित को अचानक बुला लिया गया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बताया जा रहा है कि सुमित को विमान की कमान संभालने का मौका तभी मिला, जब वे अचानक जिम्मेदारी लेने के लिए आये।
सुमित के दोस्तों ने कहा कि वे परिवार से ज्यादा अपने काम और उड़ान के प्रति समर्पित थे। कुछ दिनों पहले ही वे विदेश से लौटे थे और अपने अनुभव-पूर्ण विमानन करियर के कारण उन्हें वरिष्ठ रूप से सम्मानित किया जाता था। हादसे के बाद उनके दोस्त और सहकर्मी भावुक रूप से उन्हें याद कर रहे हैं और कहते हैं कि वे अब विश्वास नहीं कर पा रहे कि सुमित अब इस दुनिया में नहीं हैं।
इस दुखद हादसे से विमानन क्षेत्र में भी सवाल उठ रहे हैं कि जब एक अनुभवी पायलट की कमान में विमान था, तो कैसे इस प्रकार का हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान लैंडिंग के प्रयास में नियंत्रण खो बैठा, और रनवे से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे सवार सभी पाँच लोगों की मौके पर मौत हो गई।
बारामती हादसे के बाद डीजीसीए तथा अन्य जांच एजेंसियाँ ब्लैक बॉक्स और अन्य सबूतों की जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या कोई तकनीकी खराबी, मौसम की वजह या मानवीय त्रुटि इस दुर्घटना का कारण थी। इससे पहले भी हादसे के कुछ फुटेज में विमान का असामान्य झुकाव देखा गया है, जो जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकता है।
इस दर्दनाक हादसे ने न केवल अजीत पवार के समर्थकों को भावुक कर दिया है, बल्कि पायलट सुमित कपूर के दोस्तों और परिवार को भी गहरा झटका दिया है, जो आज भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि वे अब नहीं रहे।
