उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुर्खियां बटोरी हैं। नूरजहां — जिनकी उम्र 24 वर्ष बताई जा रही है — ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर अपना नाम पूनम रख लिया है। उन्होंने अपने प्रेमी धर्मपाल से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की है।
पूनम का कहना है कि इस्लाम धर्म के उन हिस्सों — विशेष रूप से “तीन तलाक” और “हलाला” जैसी प्रथाओं — से वह परेशान थीं। उन्होंने दावा किया है कि इन प्रथाओं ने महिलाओं की गरिमा व आज़ादी पर सवाल खड़ा किया। इसके चलते उन्होंने अपने धर्म और नाम दोनों बदलने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे सम्मानपूर्वक जीवन बिताना चाहती हैं और धर्मपाल के साथ अपना भविष्य देखना चाहती हैं।
पूनम और धर्मपाल की शादी हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई — धार्मिक अनुष्ठानों, गंगाजल व गायत्री मंत्र के साथ उन्हें नया नाम मिला और शादी की रस्में पूरी की गईं। उनका कहना है कि यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी से लिया और किसी प्रकार का दबाव नहीं था।
यही घटना बरेली में धर्मांतरण व समाज में इस तरह के मामलों को लेकर चर्चा फिर जगाने का कारण बनी है। सोशल मीडिया व स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं — कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता व धर्मांतरण का अधिकार बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे सामाजिक व धार्मिक संवेदनशीलता के दृष्टिकोण से देख रहे हैं।
