उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक भयानक मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता रुखसाना ने अपनी शादी के सिर्फ सातवें दिन अपने पति अनीस की गोली मारकर हत्या करने की साजिश रची। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रुखसाना और उसका प्रेमी रिंकू लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे, और उन्होंने मिलकर अनीस की जान लेने की ठानी थी।
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि रुखसाना, जो गोंडा जिला की रहने वाली है, अपनी मनोस्थिति के बावजूद परिवार के दबाव में अनीस से हुई थी शादी। शादी के बाद, वह मायके चली गई और वहाँ प्रेमी से मिली। दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई: रिंकू अपने साथी शिव के साथ रुखसाना के ससुराल पहुँचा, और “रास्ता पूछने” का बहाना बनाकर अनीस को घर से बाहर लाया, जहां उस पर फायरिंग की गई।
गोलियों की छर्रों के बाद घायल अनीस को तुरंत अयोध्या जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ पहुंचने से पहले ही उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में अस्पताल में उसकी मौत की पुष्टि की गई। पुलिस ने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए रुखसाना, उसके प्रेमी रिंकू, और साथी शिव को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद का नहीं, बल्कि पूर्व नियत साजिश का नतीजा है। रुखसाना और रिंकू के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था, और शादी अनीस के साथ होने के बावजूद, रुखसाना ने अपनी इच्छा के खिलाफ शादी में रहना चुना।
यह मामला न सिर्फ उत्तर प्रदेश की सामाजिक संरचना और पारिवारिक दबावों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कभी-कभी “प्यार” और “रिश्तों” की आड़ में कितनी खौफनाक साजिशें रची जा सकती हैं।
मुख्य सवाल यह है: कैसे परिवार और समाज ऐसी परिस्थितियाँ पैदा करते हैं, जहाँ शादी की पवित्रता के नाम पर जीवन खो दिया जाता है? यह घटना निश्चित रूप से न्याय व्यवस्था, पुलिस जांच की गहराई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की ज़रूरत पर गंभीर बहस को जन्म देगा।



