
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है और अब चुनावी रणनीति राज्य की सीमाओं से बाहर भी फैलती नजर आ रही है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री बी. संजय कुमार का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने हैदराबाद में रह रहे करीब 60 हजार बंगालियों से खास अपील की है। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद में बंगाली समुदाय से मुलाकात के दौरान बी. संजय कुमार ने उनसे कहा कि वे पश्चिम बंगाल में अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क करें और उन्हें बीजेपी के समर्थन में वोट देने के लिए प्रेरित करें। उनका यह बयान साफ तौर पर चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें राज्य के बाहर रहने वाले मतदाताओं के प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश दिख रही है।
इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “वोट बैंक की राजनीति” के चलते अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उनका कहना था कि सीमा पर बाड़ लगाने जैसे कदमों में भी बाधाएं डाली जा रही हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है।
बीजेपी नेता ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हालात के कारण बड़ी संख्या में बंगाली परिवार राज्य छोड़कर तेलंगाना जैसे राज्यों में बस रहे हैं। ऐसे में उन्होंने इन प्रवासी बंगालियों से चुनाव में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाने की अपील की, जो अब राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में है।
इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि पहले से ही बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी टक्कर देखने को मिल रही है।
कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 अब केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में रह रहे बंगालियों को भी इसमें जोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह की अपीलों का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है और क्या यह नया ट्रेंड भारतीय राजनीति में आगे भी देखने को मिलेगा।



